कैराना के कथित पलायन को लेकर घमासान मचा हुआ हैं. राजनितिक पार्टियों ने कैराना को राजनीती का दंगल बना दिया हैं. वहीँ मीडिया के लिए कैराना टीआरपी का स्पॉट बना हुआ हैं. लेकिन देश की राजधानी दिल्ली में हो रहें मुस्लिमों के पलायन की किसी को खबर नहीं हैं.

दिल्ली के रोहिणी सेक्टर 9 में गुरुवार की शाम इफ्तार के वक्त राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े कुछ लोगों ने स्थानीय मुस्लिम निवासियों के साथ जमकर मारपीट की. जिसके कारण यहाँ के मुस्लिमों को इस इलाके को छोड़ कर जाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा हैं. स्थानीय मुस्लिम परिवार डर और दहशत के साथ जीवन व्यतीत कर रहे है.

स्थानीय निवासी मोहम्मद तस्लीमुद्दी ने बताया कि वो अपने परिवार के साथ गुरुवार  की शाम इफ्तार के लिए बेठे थे इस दोरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े कुछ लोगों ने उनके घर पर हमला कर उनके परिवार के साथ बुरी तरह से मारपीट की.

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उन्होंने जानकारी देते हुए कहा कि 50-60 लोग हाथ में रॉड व लाठियां लिए घर का दरवाजा तोड़ घर में प्रवेश कर गए और घर के सारे सदस्यों को मारना-पीटना शुरू का दिया. न्मादी भीड़ के इस हमले में मोहम्मद तस्लीमुद्दीन, उनकी बीवी आसिया खातून, बेटी शहनाज़ बेगम, दामाद रफिदुल हक और बेटे अशफाक आलम को गंभीर रूप से मारकर लहुलुहान कर दिया और सभी मुस्लिम परिवारों को धमकी देते हुए फरार हो गए कि वो फिर आएंगे.

इस मार-पिटाई के बाद घायल तस्लीमुद्दीन ने फोन पर पुलिस को इस बर्बरता की सूचना दी. कुछ समय बाद पुलिस आई और घायलों को सुरक्षा के लिहाज़ से अपने साथ प्रशांत नगर थाने ले गई जहाँ कुछ देर बाद सभी को जाने को बोल दिया गया. इस मामले में पुलिस ने किसी के खिलाफ भी एफ़आईआर तक नहीं दर्ज की है.

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