झुंझुनूं में कमरुद्दीन शाह की दरगाह पर जले दीपावली के दीप

राजस्थान के झुंझुनूं में कमरूद्दीन शाह की दरगाह की दहलीज पर दीपक रोशन दिवाली पर भाईचारे का पैगाम दिया गया। बता दें कि करीब दो सदियों से यह परंपरा निभाई जा रही है।

दरगाह के गद्दीनशीन एजाज नबी के नेतृत्व में शनिवार को दिवाली का त्योहार धूम-धाम से मनाया गया। इस मौके पर दरगाह पर मिट्टी से बने दीपक रोशन किए गए तो देर रात तक आतिशबाजी भी की गई।

एजाज नबी ने कहा कि झुंझुनूं से सांप्रदायिक सौहार्द और भाईचारे का संदेश पूरे विश्व में जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिस मुस्लिम का हिंदू दोस्त नहीं, वह मुस्लिम अधूरा है। उन्होंने कहा कि सूफीज्म का संदेश है कि प्यार, मोहब्बत और भाईचारे के साथ रहा जाए। साथ ही कहा कि एक-दूसरे मजहब के लोग आपस में खुशियों को बांटे और त्योहार मनाए।

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दीपोत्सव कार्यक्रम में ना केवल मुस्लिम बल्कि हिंदू समाज के लोग भी शामिल हुए, जिन्होंने मुस्लिम भाइयों के साथ पूरे उत्साह के साथ दिवाली मनाई। वहां मौजूद लोगों ने कहा कि यहां आकर कभी नहीं लगता कि वे दूसरे कौम के साथ दिवाली मना रहे हैं। सभी अपने लगते हैं और सभी का आपस में दिली रिश्ता बन चुका है।

इस मौके पर ना केवल पूरे दरगाह परिसर को मिट्टी के दीपकों से रोशन किया जाता है, बल्कि दरगाह परिसर को रोशनी से सजाया भी जाता है। इसके अलावा ना केवल बड़े, बल्कि बच्चे भी आतिशबाजी का मजा लेते हैं। कुछ मुस्लिम बच्चे तो केवल और केवल दिवाली का त्यौहार मनाने और दरगाह में आतिशबाजी करने के लिए बाहर से आते हैं।

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