मुसलमानों के साथ नाइंसाफी पर सदन में बहस, जमकर तकरार

11:26 am Published by:-Hindi News

लखनऊ : विधानसभा में गुरुवार को राज्यपाल के अभिभाषण के चर्चा के दौरान सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच आरोप प्रत्यारोप उस समय तीखी तकरार में बदल गए, जब अभिभाषण में संशोधन पर सपा विधायक रफीक अंसारी ने सरकार पर मुसलमानों के साथ नाइंसाफी का आरोप लगाया।

एनबीटी की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने कहा कि बंटवारे के समय गांधी जी ने पाकिस्तान जा रहे मुसलमानों से कहा था कि कहां जा रहे हो, यह देश आपका है। मुसलमानों ने सिर्फ इसलिए वापसी की क्योंकि उन्हें इंसाफ मिलेगा। आज ऐसा नहीं है। सपा विधायक की इस टिप्पणी का भाजपा सदस्यों ने विरोध किया और मुसलमान शब्द को कार्यवाही से निकालने की मांग करने लगे। इस पर वहां हंगामा होने लगा।हंगामे के समय पीठ पर अध्यक्ष के स्थान पर अधिष्ठाता मौजूद थे।

हंगामा बढ़ता देख कमरे में दलीय नेताओं के साथ बैठक कर रहे विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित, संसदीय कार्यमंत्री और दलीय नेताओं के साथ सदन पहुंचे। अध्यक्ष ने दोनों पक्षों को शांत करवाया। तभी बसपा सदस्य सुखदेव राजभर ने कहा कि रफीक अल्पसंख्यक हैं इसलिए उन पर ऐसे हमला हुआ।

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इस पर भाजपा विधायकों ने फिर हंगामा शुरू कर दिया। हंगामे पर संसदीय कार्यमंत्री ने अनुरोध किया कि जो शब्द संसदीय न हो, उसे निकाल दिया जाए। इस बीच अध्यक्ष खड़े हो गए। उनके खड़े होने के बाद भी भाजपा सदस्य अशोक चंदेल बोलते रहे।

नेता विपक्ष ने कहा कि सदन की परिपाटी है कि बोलने वाले को सुनिए, विरोध करना है तो अध्यक्ष से अनुमति लेकर जवाब दीजिए। इसी में सदन की गरिमा है। इस पर अशोक ने कहा कि हमने सिर्फ इतना कहा कि जो कहना हो कहिए, लेकिन वह साम्प्रदायिक न हो।

उन्होंने कहा कि ऐसी ही टिप्पणियों से यहां कुर्सियां चली थी। इसी कमी के चलते नाचने गाने वाले भी कहते हैं कि संसद और विधानसभा में अनपढ़ बैठते हैं। मामले को शांत कराते हुए संसदीय कार्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार में कोई भेद नहीं होता। इसके बाद रफीक अंसारी ने अपने यहां रुके विकास कार्यों का उल्लेख किया।

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