गोरखपुर के बीआरडी कॉलेज में ऑक्सीजन की कमी से हुई 69 बच्चों की मौत का मामला अभी शांत हुआ नहीं था कि अब सीतापुर से ऑक्सीजन की कमी से बच्चें की मौत का मामला सामने आया है.

प्राप्त जानकारी के अनुसार, लहरपुर की नई बस्ती निवासी फिरोज डायरिया से पीड़ित अपनी बच्ची रमसा (5) को सवेरे पांच बजे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर आया था. इस दौरान इरजेंसी वार्ड से डॉक्टर सहित पूरा स्टॉफ गैर हाजिर था. जिसके चलते उसकी बच्ची की मौत हो गई.

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फिरोज ने बताया उसकी बेटी रमसा को शनिवार की रात से उल्टी-दस्त की समस्या हुई. सुबह होते ही तड़के पांच बजे वह बच्ची को लेकर स्वास्थ्य केंद्र पहुंच गए थे अस्पताल खुला था पर वहां डॉक्टर, फार्मासिस्ट या वार्ड ब्वॉय कोई नहीं था. बच्ची गोद में लिए फिरोज पूरे अस्पताल में डॉक्टर को खोजा पर कोई नहीं मिला तो उसने परिसर के आवासों के दरवाजों पर दस्तक दी.

अस्पताल में सुबह हंगामा होते देख डॉ. समसुद्दीन आफाक अपने आवास से निकले. परिजनों के मुताबिक डॉक्टर ने बच्ची को देखने बाद उसे ऑक्सीजन देने को कहा, सीएचसी में ऑक्सीजन को सिलेंडर की तलाश शुरू हुई, लेकिन सिलेंडर नहीं मिला.

अस्पताल परिसर में खड़ी एंबुलेंस-102 से ऑक्सीजन सिलेंडर निकाल कर बच्ची को ऑक्सीजन लगाई गई लेकिन तब तक बालिका की सांसें थम चुकी थीं. सीएमओ डॉक्टर ध्रुवराज सिंह ने बताया कि हर जगह ऑक्सीजन उपलब्‍ध है. लहरपुर मामले में परिवार झूठा आरोप लगा रहा है.

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