दारूल उलूम देवबंद ने इस बार चुनावों में नेताओं की एंट्री पर बेन लगा दिया हैं. जिसके बाद अब चुनाव के परिणाम आने तक कोई भी राजनेता प्रचार के लिए दारुल उलूम देवबंद नहीं जा सकेगा.

देवबंद के मोहतमिम मुफ्ती अब्दुल कासिम नोमानी कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान वह किसी भी सियासी रहनुमा मुलाकात नहीं करेंगे. उन्होंने कहा कि देवबंद और संस्था से जुड़े लोग राजनीति से पूरी तरह अलग रहेंगे. हालांकि देवबंद में आने वाले सभी नेताओं का सम्मान किया जाएगा लेकिन संस्था के लोग किसी भी नेता से मुलाकात नहीं करेंगे.

अक्सर देखा जाता हैं कि  चुनावी माहौल में सियासी लाभ लेने के लिए नेता दारूल उलूम का रुख करते हैं लेकिन इस बार दारुल उलूम देवबंद ने विधानसभा चुनाव की सरगर्मियां तेज होने के साथ ही अपने दरवाजे सियासी जमातों के लिए बंद करने का मन बना लिया है.

दरअसल इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि उत्तर प्रदेश की अधिकांश विधानसभा सीटों पर विधायकाें काे चुनने में मुस्लिम मतदाताआें का भी अहम राेल हाेता है. यही कारण है कि मुस्लिम मतदताओं को रिझाने के लिए चुनाव से पहले हमेशा से ही सियासी जमातों के नुमाइंदे दारुल उलूम देवबंद का रुख करते रहे हैं.


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