आरएसएस प्रवक्ता और राज्यसभा सदस्य राकेश सिन्हा द्वारा संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने के बाद दलित समाज ने आंबेडकर की प्रतिमा को गंगाजल से धोकर प्रतिमा को पवित्र किया।

दलितों का कहना है कि बीजेपी नेता ने आंबेडकर की मूर्ती को छूकर उसे अशुद्ध कर दिया। इसलिए मूर्ती को दूध से नहलाकर और गंगाजल से उसका शुद्धिकरण किया गया। वकीलों ने कहा कि सुनीव बंसल के माल्यार्पण से जिला कोर्ट में स्थित मूर्ति अशुद्ध हो गई थी।

वकीलों ने इस मामले में कहा, ‘हम इस मूर्ति को शुद्ध कर रहे हैं क्योंकि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के राकेश सिन्हा यहां आए थे और इस पर माला चढ़ाया था। भाजपा सरकार दलित पर दमन करती है। उनका अंबेडकर से कोई लेना-देना नहीं है। मगर अपनी पार्टी का प्रचार करने और दलित समुदाय को लुभाने के लिए अंबेडकर के नाम का इस्तेमाल करते हैं।’

बता दें कि ये प्रतिमा मेरठ के डिस्ट्रिक्ट कोर्ट इलाके में स्थित है। टाइम्स ऑफ इंडिया से बात करते हुए दलित वकील प्रवीण भारती ने कहा कि उनलोगों ने आरएसएस बीजेपी के दोहरे चरित्र को उजागर करने के लिए प्रतिमा का शुद्धिकरण किया है।

प्रवीण भारती ने कहा कि बीजेपी एक ओर तो दलितों पर अत्याचार को बढ़ावा देती है दूसरी ओर बाबा साहेब की प्रतिमा पर माला चढ़ाकर खुद को दलितों का हितैषी घोषित करती है।

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