महाराष्ट्र के पुणे जिले में एक दलित को जबरन मानव मल खिलाने का मामला सामने आया है। पुलिस ने आरोपी को अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया है।

अनुसूचित जाति के मातंग सुमदाय से संबंध रखने वाले पीड़ित मजदूर सुनील अनिल पावले (22) ने बताया कि बुधवार (13 मार्च, 2019) दोपहर करीब दो बजे वह और उसके पिता अनिल, मां सविता और दादा-दादी दोपहर का खाना खाने के बाद ईंट भट्टा पर बैठे थे। इसी दौरान ईंट भट्टा मालिक पवार वहां पहुंचा और उनसे अपना काम शुरू करने को कहा।

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पावले ने बताया, ‘हमने पवार को बताया कि बिल्कुल अभी अपना लंच खत्म किया है और थोड़ी देर में अपना काम शुरू कर देंगे। मगर पवार गुस्सा हो गया और मेरी और मेरे पिता की पिटाई कर दी। उसने हमें बहुत गंदी भाषा में गालियां दीं। तो इसके जवाब में मैंने भी उसे गालियां दीं। इसपर पवार ने अपनी पत्नी दीप्ती को मटके में मानव मल लाने को कहा।

इतना ही नहीं उसने मानव मल ना लाने पर अपनी पत्नी को भी खेत में इस्तेमाल करने वाले हथियार से धमकी दी। उसकी पत्नी मटके में मानव मल ले आई और इसे पति के करीब में ही रख दिया। इस दौरान में चुप रहा।’ पीड़ित ने आगे बताया, ‘मगर वह गुस्सा हो गया और मुझे पीटा। इससे मैं बहुत डर गया और कुछ मानव मल खाने को मजबूर होना पड़ा।’

‘पीड़ित के मुताबिक उसे भट्टा मालिक पवार से पचास हजार रुपए का लोन लिया है। लोन का अधिकांश हिस्सा भी चुका भी दिया है। इसके बाद भी उसने हमारे साथ अमानवीय व्यवहार किया। पवार जानता है कि हम दलित हैं। इसलिए अब हम वहां काम करने नहीं जा रहे।’

पुलिस ने आरोपी की शिनाख्त जम्भे गांव निवासी संदीप पवार (42) के रूप में की है, जो मराठा समुदाय से संबंध रखता है। हालांकि पवार और उसके परिवार के सदस्यों ने आरोप से इनकार किया है। पावले का परिवार मूल रूप से उस्मानाबाद से संबंध रखता है, अब यह परिवार सालों से पुणे में रह रहा है।

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