mla ota ram dewasi

देशभर में गाय को लेकर राजनीति करने वाली बीजेपी के राजस्थान में गाय मंत्री भी अपनी कुर्सी नहीं बचा पाये। सिरोही विधानसभा से गाय पालन मंत्री ओटाराम देवासी तकरीबन 10 हजार वोटों से चुनाव हार गए। गोपालन मंत्री को कांग्रेस से दो बार विधायक रहे बागी निर्दलीय संयम लोढ़ा ने करीब 10 हजार मतों से शिकस्त दी है।

बता दे कि राजस्थान देश का पहला ऐसा राज्य है, जहां पि‍छली सरकार ने गाय पालन मंत्रालय बनाया था। राज्य सरकार ने गोकशी को रोकने और गोशालाओं की स्थिति‍ बेहतर बनाने के लिए इस मंत्रालय को बनाया था। पिछले चुनाव में बीजेपी और वसुंधरा राजे सिंधिया ने चुनाव के वक्त घोषणापत्र में वादा किया था कि वे गाय के लिए अलग मंत्रालय का गठन करेंगे और ऐसा ही हुआ भी।

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गायों की रक्षा के लिए मंत्रालय की घोषणा कर दी गई और इस मंत्रालय का जिम्मा सौंपा गया। लेकिन उन्हें गौसेवा का फल नहीं मिला और सिरोही से चुनाव हार गए हैं। बता दें कि सिरोही विधानसभा सीट पर कुल 269,427 मतदात है। इनमें 140,627 पुरुष, 128,793 महिला और 5 ट्रांसजेंडर मतदाता हैं। यहां मतदाता लिंगानुपात 91.58 फीसदी है।

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ओटाराम देवासी को पिछले चुनाव में यानी 2013 में 82098 वोट मिले थे और उन्होंने संयम लोढ़ा को 24439 वोटों के अंतर से शिकस्त दी थी। ऐसा ही 2008 के चुनाव में हुआ। तब ओटाराम को 56400 वोट मिले थे और संयम लोढ़ा को 47830 वोट मिले थे। वो चुनाव ओटाराम ने 8570 वोटों के अंतर से जीता था।

पिछले कुछ महीनों में देशभर में गाय के नाम पर पहलू खान, अखलाक, सुबोध कुमार जैैसे कई लोगों की हत्याएं हुईं।अकेले राजस्थान के अंदर एक साल में गाय के नाम पर कई हिंसक वाारदात सामने आई हैं।

ओटाराम खुद राजस्थान से गाय मंत्री हैं. ऐसे में सवाल उठना लाजि‍मी है कि क्या जनता अब गाय पर होने वाली सियासत को समझने लगी है? सवाल ये है कि जब देश भर में गाय-गाय का शोर था, तो उसी दौरान एक गाय मंत्री को जनता ने क्यों नकार दिया? लगता है कि गाय पर छिड़ी तकरार को जनता अब समझने लगी है।

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