ख्वाजा के दर से हुई मन्नत पूरी, 1000 किलोग्राम चांदी से सज रहा सुल्तान-ए-हिन्द का दरबार

विश्व प्रसिद्ध सूफी संत हजरत ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती (रह.) की दरगाह के बारें में कहा जाता है कि इस दरबार से कोई खाली नहीं गया है. जिसकी की मुराद यहाँ से पूरी हुई उसने अपने तन-धन-मन से यहाँ सेवा की है.

ऐसा ही एक नाम मुंबई के मेहमान का है. जिनकी हाल ही ख्वाजा साहब ने अल्लाह के करम से मन्नत पूरी की है. मन्नत पूरी होने की ख़ुशी में मेहमान ने ख्वाजा साहब के दरबार को सजाने के लिए 10 क्विंटल चांदी का नजराना पेश किया है.

इस चांदी से आस्ताना के पायती दरवाजे की तरफ गुबंद शरीफ की चारदीवारी को सजाया जाएगा. जिसका काम तेजी से चल रहा है.

ध्यान रहे मजार शरीफ के दोनों प्रमुख दरवाजे भी चांदी के हैं और पवित्र मजार के चारों तरफ चांदी के कटहरे पहले से ही लगे हुए है.दरगाह में इस कार्य को करने के लिए उदयपुर से 15 कारीगरों की टीम आई हुई है.

18 गेज की मोटी परत से मुगल आर्ट की नक्काशी की जा रही है. कारीगर शाहिद शेख के मुताबिक देश मे पहली जगह इस तरह की नक्काशी हो रही है.

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