पहली बार उत्तरप्रदेश के विधानसभा चुनावों में हिस्सा लेने वाली आल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने चुनावों के परिणाम आने से पहले ही उन आरोपों को खारिज कर दिया जिसमें कांग्रेस की हार के लिए उनकी पार्टी को जिम्मेदार ठहराया जाना हैं.

दरअसल, ओवैसी और उनकी पार्टी पर चुनाव से पूर्व ही आरोप लग चुके हैं कि  उन्होंने उत्तर प्रदेश चुनावों में धर्मनिरपेक्ष मतों का विभाजन करने के लिए अपने उम्मीदवार उतारे, जिसका सीधा फायदा बीजेपी को होगा. इसको लेकर ओवैसी ने स्पष्ट तौर पर कहा कि कांग्रेस की यदि हार होती है तो उसके लिए एआईएमआईएम जिम्मेदार नहीं है.

उन्होंने कहा, कांग्रेस हमें मुस्लिम वोटों के विभाजन के लिए दोषी ठहराती है लेकिन वास्तविकता यह है कि कांग्रेस का हिंदू वोट भाजपा के पास चला गया है. उन्होंने कहा, मेरी पार्टी ओडिशा, जम्मू और कश्मीर, दिल्ली, हरियाणा में कभी भी चुनाव नहीं लड़ी, लेकिन वहां भी कांग्रेस को बड़ा नुकसान हुआ.

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ओवैसी ने आगे कहा, कांग्रेस नेताओं की सोच ​​है कि एआईएमआईएम सिर्फ हैदराबाद की पार्टी है जिसको अपने पंख उस शहर के बाहर फैलाने की हिम्मत नहीं करनी चाहिए. यह एक सामंती मानसिकता है. उन्होंने देश के मुसलमानों से एक होने की अपील की. उन्होंने कहा, जब तक एकजुट नहीं होगे, राजनीतिक पार्टियां ऐसे ही फायदा उठाती रहेंगी.

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