देहरादून | उत्तराखंड में 15 फरवरी को होने वाले विधानसभा चुनावो के लिए बीजेपी ने 64 उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है. वही सत्ता पर काबिज कांग्रेस अभी तक उम्मीदवारों के नाम भी तय नही कर पायी है. गुरुवार को कांग्रेस उम्मीदवारों की लिस्ट जारी करने वाली थी , लेकिन बीजेपी में शामिल कांग्रेस के बागियों और उनके पुराने नेताओं से मुकाबला करने के लिए पार्टी को सही उम्मीदवार नही मिल रहे है.

यही वजह है की कांग्रेस ने गुरुवार को होने वाली प्रेस कांफ्रेंस को रद्द कर दिया. मुख्यमंत्री हरीश रावत उम्मीदवारों के चयन में कोई कोताही नही बरतना चाहते इसलिए मैराथन बैठको के बाद उम्मीद है की कांग्रेस आज उम्मीदवारों की लिस्ट जारी कर दे. कांग्रेस के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपने दिग्गज नेताओ को बीजेपी में जाने से रोकने की है.

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40 साल कांग्रेस में रहे यशपाल आर्य के बाद एक और पुराने कांग्रेसी केदार सिंह रावत के भी बीजेपी ज्वाइन करने के कयास लगाए जा रहे है. मुख्यमंत्री हरीश रावत प्रदेश कांग्रेस में अकेले खड़े दिखाई दे रहे है. हालाँकि बीजेपी में भी कम हलचल नही है. 64 उम्मीदवारों के नाम जारी होते ही बीजेपी में कलह के सुर उठने लगे है. उधर कांग्रेस भी उम्मीद कर रही है की कुछ बीजेपी बागी टूटकर कांग्रेस में आ सकते है.

कांग्रेस , बीजेपी के करीब आधा दर्जन नेताओ के साथ संपर्क में है. अगर इन नेताओं से बात बन जाती है तो यह सभी नेता कांग्रेस के टिकेट पर चुनाव लड़ते हुए दिख सकते है. उधर बीजेपी की लिस्ट जारी होने पर हरीश रावत ने कहा की दल बदलुओ और पूर्व में भाजपा द्वारा जिन नेताओ के खिलाफ भ्रष्टाचार और परिवारवाद का आरोप लगाया गया , उन्ही लोगो को बीजेपी ने टिकेट दे दिया. मोदी जी के परिवारवाद को बढ़ावा न देने की सीख शायद उनकी पार्टी ही खुद नही मान रही है जो काफी आश्चर्यजनक है.

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