मंगलवार को तीन तलाक़ के मुद्दे पर मुस्लिम छात्राओं की राय लेने एएमयू पहुँची इंडिया टुडे की पत्रकार इल्मा हसन के साथ हुई बदसुलूकी का मामला और तूल पकड़ता जा रहा है। कल पत्रकार ने बदसुलूकी की वीडियो जारी कर एएमयू के किरदार पर ही सवाल खड़ा कर दिया था। इसे देखते हुए यूनिवर्सिटी के छात्र संघ अध्यक्ष फैजुल हसन ने मीडिया से पूरा सच दिखने की अपील की है।

फ़ैज़ुल हसन ने यूनिवर्सिटी सर्किल से बात करते हुए बताया कि मंगलवार को मुझे मीडिया वालों ने फ़ोन करके बुलाया कि आप आईजी हॉल पे अजाइये यहाँ इंडिया टुडे और आज तक का लाइव  है। मैं 11:40 पर पहुंचा और फिर मैं वहाँ से 2:30 वापस आ गया फिर हमारे कुछ अलीग भाई बिहार में बाढ़ से आई तबाही के लिए बाब-ए- सय्य पर एक प्रोग्राम कर रहे थे मुझे वहाँ बुलाया जिसमें  अलीगढ़ के डीएम, एसएसपी  और प्राक्टर भी मौजूद थे।

फिर अचानक से मुझे सिविल लाइन से एसएचओ सर का फोन आया कि एएमयू में मीडिया वालों से किसी लड़के ने बत्तमीज़ी कर दी है। मैं फौरन वहाँ गया तो देखा पत्रकार इल्मा हसन छात्रों पर हेरेसमेंट का केस कर् रही थी। चूँकि उसमें एएमयू  का नाम लिया जा रहा था तो बिना सोचे समझे मैं ने ज़िम्मेदारी लेते हुए सबसे माफी मांगी और बोला आप जिससे बोलिये हम उससे माफी मंगवा दें तो उन्होंने ये कहा इट्स ओके  फिर बोली कि मुझे 6:45 पर् फिर लाईव लेना है तो मैं उन्हें आई जी हॉल के गेट  पर् ले गया चूँकि 6:30 तक ही समय होने की वजह से लड़कियों को बाहर जाने की अनुमति नहीं थी फिर भी मैंने प्रोवोस्ट माम  से दरख्वास्त करके लड़कियों को बुलाकर 7:15 तक शो करवाया और वहाँ पर् दोबारा सबने उस घटना की माफी मांगी तो इल्मा हसन फिर वही बोली कि मुझे अब कोई गिला नहीं।

फैज़ुल हसन ने मीडिया से अपील करते हुए कहा है कि अगर सच्चाई की बात है  तो इंडिया टुडे ने हमारी जितनी भी बहनों से बाईट ली है सब दिखाएं। उनकी पत्रकार कहकशां खानम से भी उल्टा बोली लेकिन उसने सब्र किया। फ़ैज़ुल ने आगे कहा कि रही बात ट्रिपल तलाक़ की तो इन्हें विमेंस कॉलेज जाकर नादान बच्चियों से बाईट लेने की ज़रूरत किया थीं? हमारे यहाँ अरबिक ,थेलॉजी, पर्सियन डिपार्टमेंट थे, वहाँ क्यों नहीं गए या उनसे क्यों नहीं बाईट ली?

फैज़ुल ने इंडिया टुडे पर इल्ज़ाम लगाते हुए कहा कि उन्होंने नाबालिग लड़कियों की बाईट ली जो अभी हाईस्कूल में हैं लेकिन उन लड़कियों ने उनको को बहुत अच्छा जवाब दिया था। उनका मक़सद सिर्फ यूनिवर्सिटी  को बदनाम करना था। वरना सुबह 9 बजे से शाम 7 बजे के बाद तक यूनिवर्सिटी में रहने के बाद एक छोटी सी ग़लती जिसे माफी मांग कर रफा दफा कर् दिया गया था उस पर इतना बवाल क्यूँ करते।

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