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बिहार के औरंगाबाद जिले के अंबा में कुटुंबा थाना क्षेत्र के साड़ी सोनारखाप में अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों को बहुसंख्यक समाज के लोगों ने उनके ही कब्रिस्तान में शव दफनाने नहीं दिया। जैसे-तैसे पुलिस की मौजूदगी में शव को दफनाया गया तो कब्रिस्तान से आते वक्त उन पर जानलेवा हमला हुआ।

जानकारी के अनुसार सोनारखाप गांव के रियासत अली की शनिवार को मौत हो गई थी। परिजन व गांव वाले उसके शव को दफनाने के लिए साड़ी स्थित कब्रिस्तान ले गये। इस दौरान वहीं पर उन्होने सूर्य मंदिर से कुछ दूरी पर नमाज़े जनाजा अदा करने लगे। लेकिन बहुसंख्यक समाज के लोगों ने इस पर आपत्ति उठा दी। जिसके बाद पुलिस के दखल से दूसरे स्थान पर नमाज़े जनाजा पढ़ी गई। पुलिस की मौजूदगी में ही शव को दफना भी दिया गया।

लेकिन आते वक्त दोनों पक्षों में खूनी संघर्ष देखने को मिला। इस दौरान हुई पथरबाजी में पुलिस पदाधिकारी रामविलास यादव व सैफ जवान अवधेश सिंह का सिर फुट गया। वहीं दारोगा अरुण कुमार सिंह, ड्राईवर रामलखन पासवान व सीआरपीएफ के जवान विनय कुमार को भी चोटे आई है।

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घटना के बाद से ही इलाके में तनाव बना हुआ है। अल्पसंख्यक समुदाय का आरोप है कि पीड़ित होने के बावजूद शिकायत करने पहुंचे तो उन्हे आरोपी बनाकर फर्जी मुकदमो में जेल मे डाल दिया।

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