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हैदराबाद की ऐतिहासिक मक्का मस्जिद में हुए 2007 के ब्लास्ट मामले में गवाह लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद पुरोहित गुरुवार को अदालत में अपने बयान से साफ़ मुकर गया.

अपना बयान बदलते हुए पुरोहित ने कहा कि वह सेना में एक खुफिया अधिकारी के रूप में काम करते थे और वह जिस किसी (आरोपी) से भी वह मिले, अपने कर्तव्य का निर्वहन करने के दौरान मिले.

उन्होंने अपने पुराने बयान को ख़ारिज करते हुए कहा कि मक्का मस्जिद विस्फोट मामले में सीबीआई ने उनसे पूछताछ नहीं की थी. उन्होंने अदालत में दावा किया कि नासिक जेल में बंद होने के दौरान सीबीआई ने कभी भी उनका बयान रिकॉर्ड नहीं किया.

साथ ही ये भी कहा कि वह एक आरोपी भरत भाई को नहीं जानते. वह एक अन्य आरोपी स्वामी असीमानंद को जानते हैं लेकिन कभी भी दोनों ने एक सह आरोपी सुनील जोशी की मौत के बारे में बात नहीं की. इस मामले की अगली सुनवाई 26 फरवरी को होगी.

मक्का मस्जिद मामले में अब तक 222 गवाहों से पूछताछ हो चुकी है. मामले के आठ आरोपियों में से दो स्वामी असीमानंद और भरत भाई जमानत पर हैं जबकि तीन अन्य जेल में हैं. दो आरोपी फरार हैं जबकि एक अन्य आरोपी सुनील जोशी की मौत हो गई है.

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