Wednesday, October 20, 2021

 

 

 

धर्मांतरण के आरोप में ईसाईयों से मारपीट, एमपी पुलिस का सवाल – मुस्लिमों का धर्म क्यों नहीं बदलते ?

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मध्यप्रदेश के सतना में ईसाई समुदाय के लोगों के साथ भगवा कार्यकर्ताओं की मारपीट का मामला बढ़ता ही जा रहा है. पीड़ित पक्ष ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाकर क़ानूनी निष्पक्षता पर सवालियां निशान लगा दिए है.

ध्यान रहे 14 दिसंबर की रात को क्रिससम की तैयारियों में जुटे ईसाई समुदाय के लोगों के साथ विहिप, बजरंग दल सहित अन्य हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ताओं ने मारपीट की थी. पादरी सहित समुदाय के लोगों का धर्मांतरण का आरोप लगाकर पुलिस के हवाले कर दिया.

पीड़ित पादरी रोनी वर्गीस ने बताय, “शहर से 15 किलोमीटर दूर दराकलां गांव में स्थित चर्च में पादरी बनने का प्रशिक्षण लेने आए छात्र क्रिसमस की तैयारी में जुटे थे और इसी क्रम में जगह-जगह क्रिसमस कैरोल गाए जा रहे थे और नाटक आदि किए जा रहे थे. क्रिसमस की तैयारियों के अंतिम दिन कुछ युवक आए और धर्मांतरण का आरोप लगाते हुए हंगामा करने लगे.”

उन्होंने कहा, “इन हिंदूवादी युवकों ने नारे लगाए और सिविल लाइन पुलिस को सूचना दी.पुलिस ने दो पादरी और 32 छात्रों को अपने साथ थाने ले गई. उसके बाद आठ पादरी मामले की जानकारी लेने गए तो उन्हें भी पुलिस ने थाने में बिठा लिया. इससे पहले थाने के परिसर में युवकों ने पादरी और छात्रों से मारपीट की. इसके बाद थाने के बाहर रखी पादरी की कार में आग लगा दी.”

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने पादरी से बेहद ही आपत्तिजनक सवाल किये. उनसे सवाल किया गया कि आप केरल से यहां क्यों आते हो जबकि लोग यहाँ हिन्दू हैं.  केवल हिंदुओं को ही परिवर्तित करते हो ? कश्मीर में आप मुसलमानों को ईसाई धर्म में परिवर्तित करने के लिए क्यों नहीं जाते?”

इस बारें में सतना पुलिस अधीक्षक राजेश हिंगणकर का कहना है कि ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस को भेजा गया था. जहां से तकरीबन दो दर्जन लोगों को थाने लाकर पूछताछ की गई. धर्मेंद्र की रिपोर्ट पर पांच लोगों के विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध किया गया है. पुलिस ने आगजनी का मामला भी दर्ज किया है. दोनों मामलों की जांच की जा रही है.

वहीँ नगर पुलिस अधीक्षक (सीएसपी) डीडी पांडे ने बताया कि धर्मेंद्र दोहड़ नाम का युवक ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसका धर्मांतरण करने के लिए पांच हजार रुपये दिए गए. धर्मेंद्र डोहर के आवेदन पर प्रोफेसर एम जार्ज के विरुद्ध धर्मान्तरण अधिनियम 1968 के तहत मामला दर्ज कर शुक्रवार को न्यायालय में पेश किया. जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया.

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