कर्नाटक सरकार ने स्टेट बोर्ड स्कूल के पाठ्यक्रम में बदलाव करते हुए टीपू सुल्तान और उसके पिता हैदर अली पर आधारित अध्याय को कक्षा सातवीं के समाज विज्ञान की पाठ्यपुस्तक से हटा दिया था। जिसे भारी विरोध के बाद अब  इस फैसले पर रोक लगा दी गई है।

कर्नाटक टेक्स्टबुक सोसाइटी की ऑफिशल वेबसाइट ने बताया, ‘पहली से 10वीं क्लास के लिए पाठ्यक्रम घटाए जाने के लिंक को अस्थायी तौर पर हटा लिया गया है।’ राज्य के शिक्षा मंत्री ऑफिस की तरफ से भी इस संबंध में बयान जारी हुआ, जिसमें कहा गया कि, ‘प्राथमिक और उच्च शिक्षा मंत्री के निर्देश पर रिवाइज्ड सिलेबस पर घोषणा पर अस्थायी रोक लगा दी गई है। समीक्षा के बाद इस संबंध में वेबसाइट पर घोषणा कर दिया जाएगा।’

कन्नड़ भाषा में जारी बयान में कहा गया, ‘सिलेबस को कम किए जाने को लेकर अभी तक कोई फाइनल फैसला नहीं हुआ है, जब तक कि हमें यह पता लग जाए कि अकैडमिक साल में कितने दिन बाकी हैं।’ बता दें कि कोविड-19 महामारी (Covid-19 Pandemic) के चलते 2020-21 के सिलेबस को कम करते हुए ये फैसला लिया गया था।

कर्नाटक पाठ्यपुस्तक सोसाइटी (केटीबीएस) की वेबसाइट पर संशोधित पाठ्यक्रम को अपलोड किया था। जिसमे कक्षा सातवीं के समाज विज्ञान की पाठ्यपुस्तक से हैदर अली और टीपू सुलतान, मैसूर के ऐतिहासिक स्थलों और आयुक्त प्रशासन के बारे में अध्याय पांच को हटा दिया गया।

कर्नाटक में जब भारतीय जनता पार्टी आई थी तो यह घोषणा की गई थी कि पाठ्यक्रम से टीपू सुल्तान का चैप्टर हटाया जाएगा। घटनाक्रम पर कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष डी के शिवकुमार ने कहा कि भाजपा सरकार राजनीतिक एजेंडा को ध्यान में रखते हुए ऐसा फैसला कर रही है। उन्होंने कहा, ‘‘इतिहास को आप बदल नहीं सकते। हम इसे स्वीकार नहीं करेंगे। कांग्रेस इस मुद्दे को गंभीरता से लेगी और इस पर गौर करने के लिए एक कमेटी बनाएगी।”

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