यूपी की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने ख्वाजा मुइनुद्दीन चिश्ती उर्दू अरबी फारसी विश्वविद्यालय का नाम बदलने के निर्देश दिये है। उन्होने विश्वविद्यालय के नाम से उर्दू अरबी फारसी शब्द को हटाने के बारे में कहा।

विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में उन्होंने कहा कि उर्दू, अरबी और फारसी का नाम इससे हटाया जाए क्योंकि सभी विषय यहाँ पढ़ाये जाते हैं। उन्होंने कहा कि हमने उप मुख्यमंत्री व उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. दिनेश शर्मा से इसे बदलने के लिए कहा गया है।

दीक्षांत समारोह में राज्यपाल ने विद्यार्थियों को मेडल देते हुए उन्हें लगातार प्रयास करते रहने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के नाम में उर्दू अरबी फारसी जोड़ने की जरूरत नहीं है क्योंकि सभी विषय यहां पढ़ाए जाते हैं।

कार्यक्रम में शिया धर्मगुरू मौलाना कल्बे जव्वाद, उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा सहित कई महत्वपूर्ण लोग मौजूद थे। बता दें कि ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती उर्दू, अरबी~फारसी विश्वविद्यालय की स्थापना 2010 में की गई थी।

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