लखनऊ: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में 2017 में हुई जातीय हिंसा के मामले में जेल में बंद एससी/एसटी नेता और भीम आर्मी के संस्थापक युवा नेता चंद्रशेखर उर्फ रावण को यूपी सरकार ने गुरुवार रात 2:30 बजे जेल से रिहा कर दिया गया।जेल से रिहा होने के बाद उन्होने कहा, वह बीजेपी को 2019 में सत्ता से उखाड़ फेकेंगे।

उन्होने कहा, “उन्हें पता है कि चंद्रशेखर बाहर रहेगा तो बीजेपी सत्ता में फिर नहीं आने वाली। इसलिए किसी भी सूरत में मैं जेल जाना पसंद करूंगा लेकिन मैं अपने लोगों से कहूंगा कि वो बीजेपी को 2019 में सत्ता से उखाड़ फेकें। वो हमारे विरोधी हैं। वो हमारे लोगों के खिलाफ दोहरा चरित्र का इस्तेमाल करते हैं। एक हाथ से प्रेम करते हैं और दूसरे हाथ से चाकू भोंकते हैं। तो ऐसे लोगों को, मक्कार लोगों को सबक सिखाने का काम हम लोग सब मिलकर करेंगे।”

जेल से रिहाई पर चंद्रशेखर ने कहा सरकार ने रासुका लगाई और उन्होंने रिहा कर दिया उनकी मर्जी है तानाशाही है, यहां आम आदमी का कुछ नहीं है। मुझे सुप्रीम कोर्ट से उम्मीद थी, सरकार ने सुप्रीम कोर्ट की फटकार से डरकर ही मुझे रिहा कर दिया है।

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मायावती पर पूछे सवाल पर चंद्रशेखर ने कहा, मैं बुआ जी के बारे में कुछ नहीं कहूंगा, उन्होंने देश के लिए बहुत काम किया है, मैं सलाम करता हूं। मेरा किसी राजनीतिक पार्टी से कोई लेना-देना नहीं है। भीम आर्मी एक अलग संगठन है, हम उस पार्टी को वोट देंगे जो बीजेपी को हराए।

उन्‍होंने आरक्षण के मुद्दे को भी उठाते हुए कहा कि हम व्‍यवस्‍था को सुधारना चाहते हैं। उन्‍होंने कहा कि जागरूक लोग ही विधानसभा और लोकसभा जाएं। हम इसके लिए प्रयास करेंगे। उन्‍होंने कहा कि जब तक भीमराव बाबा साहेब के सपने का भारत नहीं बनता, तब तक हम प्रयास करते रहेंगे. उन्‍होंने एससी/एसटी एक्‍ट के मामले में भी सरकार को घेरा।

बता दें कि यूपी के सहारनपुर में 5 मई 2017 को हुई हिंसा के बाद चंद्रशेखर रावण को नेशनल सिक्‍योरिटी एक्ट के तहत गिरफ्तार किया गया था। इस दौरान ठाकुरों और दलित बिरादरी के बीच हिंसा थी।