पश्चिम बंगाल में छठ पूजा के जुलूस पर कलकत्ता हाई कोर्ट ने कड़े प्रतिबंध लगाए है। साथ ही पुजा को लेकर भी नियम जारी कर दिये है। कोर्ट ने कहा कि हर परिवार से केवल दो ही लोग पूजा करने के लिए जलाशयों में जा सकेंगे।

जानकारी के अनुसार, कोलकाता की दो सबसे बड़ी नदी, सुभाष सरोवर और रबींद्र सरोवर में आम लोगों का प्रवेश रोक दिया गया है। इससे पहले नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने रवींद्र सरोवर में छठ पूजा करने पर रोक लगा दी थी। साथ ही दीवाली पर यह पटाखे बेचने या जलाने पर पहले ही रोक लगाई जा चुकी है।

अदालत के इस फैसले की जानकारी देते हुए हाई कोर्ट के वकील सब्यसाची चटर्जी ने कहा, “कोर्ट ने छठ पूजा जुलूसों पर रोक लगा दी है। पूजा करने के लिए एक परिवार से केवल दो ही लोग जलाशयों में जा पाएंगे। वाहनों में आने वाले श्रद्धालुओं को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा और उन्हें उतरने की अनुमति नहीं दी जाएगी।”

परिवार के बाकी सदस्यों को घर या आसपास से ही छठ पूजा देखनी होगी। इसके अलावा कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि सभी लोगों के लिए मास्क पहनना अनिवार्य होगा। हाई कोर्ट से पहले नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) भी रविंद्र सरोवर में छठ पूजा के आयोजन पर रोक लगा चुका है।

कोर्ट ने राज्य सरकार को भीड़ नियंत्रित करने और लोगों की आवाजाही पर रोक लगाने के लिए धारा 144 लागू करने का भी निर्देश दिया है। सरकार किसी भी जगह आवाजाही रोकने के लिए यह धारा लागू कर सकती है। बता दें कि पश्चिम बंगाल में अभी तक 4.13 लाख लोगों में कोरोना वायरस संक्रमण की पुष्टि हुई है। इनमें से 33,444 सक्रिय मामले हैं, 3,72,265 लोग महामारी को हराकर ठीक हुए हैं और 7,403 लोगों की मौत हुई है।

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