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राजस्थान के बूँदी ज़िले में स्थित बाबा मीरा साहब की पहाड़ी पर कुछ दिनों पहले दरगाह के करीब मूर्ति रख सांप्रदायिक सौहार्द्र बिगाड़ने की कोशिश की गई थी. हालांकि कथित तौर पर उस वक्त वन विभाग और प्रशासन की मिलीभगत से मूर्ति को हटाए बिना मामले को दबा दिया गया था.

लेकिन एक बाद फिर से ये मामला गरमा गया है. जब हिन्दू संगठनों ने नव वर्ष के मौके पर पूजा करने का ऐलान किया है. जिसके चलते शहर में तनाव का माहौल है. जिला कलक्टर एवं जिला मजिस्टे्रट ने जिले में निषेधाज्ञा लागू कर दी है. साथ ही बूंदी जिले में किसी भी स्थान पर किसी भी प्रकार की कोई सभा, धरना, प्रदर्शन, जुलूस आदि पर रोक लगा दी है.

जिला कलक्टर एवं जिला मजिस्टे्रट शिवांगी स्वर्णकार ने दंड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लोक शांति एवं लोक सुरक्षा बनाए रखने के लिए जिले में शुक्रवार रात 8 बजे से अग्रिम आदेश तक निषेधाज्ञा लागू कर दी.

ये है मामला:

बून्दी शहर की ऐतिहासिक दरगाह जिसे हज़रत बाबा मीरा साहब (रह.) के नाम से जाना जाता है. ये  दरगाह तारागढ़ के नाम से भी प्रसिद्ध हैं. यह दरगाह बून्दी में तीन पहाड़ियों में से एक पहाड़ी जो सबसे ऊंची औऱ बड़े क्षेत्रफल में फैली हुई है. साथ ही रास्ते में भी एक दरगाह है. जो हज़रत बाबा दूल्हे साहब (रह.) की हैं.

दरगाह के मैन गेट रोड़ पर छोटी ईदगाह स्थित है. जहाँ से दरगाह जाने के लिए 15 फिट का छोड़ा रास्ता भी बना हुआ है. यहाँ पर पुरातात्विक काल से एक छतरी थी जो 1917 में तेज़ अंधी-तूफ़ान के चलते गिर गई औउर जमीन में धंस गई. जिसको बूंदीवासी और प्रशासन भी भूल गया था.

कथित तौर पर बीते 27 अप्रैल, 2017 को टाइगर हिल की आड़ में  विशव हिन्दू परिषद, शिव सेना औऱ बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने छतरी की जगह पर अवैध तरीके से हनुमान की मूर्ति रख दी. साथ ही अब इस स्थान को मानधाता बालाजी का नाम देकर नव वर्ष के मौके पर 1 जनवरी को विश्व हिंदू परिषद और हिंदू महासभा ने पूजन कार्यक्रम का ऐलान किया है.

हिंदू महासभा की ओर से जारी विज्ञप्ति:

हिंदू महासभा की ओर से जारी विज्ञप्ति में लखन सिंह नायक, सुनील हाड़ौती ने कहा कि सभी दोपहर एक बजे मालनमासी बालाजी मंदिर परिसर में एकत्र होंगे. यहीं से पूजन के लिए रवाना होंगे. विज्ञप्ति में बताया गया कि प्रशासन बालाजी का पूजन करने से नहीं रोक सकता. पूजन का कार्यक्रम एक माह पहले ही तय कर लिया गया था. इसके लिए जिलेभर में पीले चावल बांटे गए हैं.

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