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बुलंदशहर में कथित गौरक्षा के नाम पर हुई हिंसा और उसमे मारे गए इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह के मामले में जांच रिपोर्ट गुरुवार को इंटेलीजेंस के एडीजी एसबी शिरडकर ने डीजीपी ओपी सिंह को सौंप दी।

एडीजी ने स्थानीय लोगों के साथ-साथ प्रशासनिक अफसरों के बयानों को आधार बनाकर रिपोर्ट तैयार की है। मुख्यमंत्री के कल राजधानी लौटने के बाद डीजीपी उन्हें अपनी रिपोर्ट सौंपेंगे। हालांकि डीजीपी ओपी रावत ने इससे पहले बड़ा बयान दिया था।

ओपी रावत ने कहा है कि बुलंदशहर हिंसा कानून व्यवस्था का ही नहीं बल्कि किसी साजिश का नतीजा है। ओपी रावत ने कहा कि उत्तर प्रदेश इस मामले की जांच में जुट गई है। इसकी पड़ताल कर रही है कि वहां पर गौमांस कहां से आया ? उसे वहां कौन लाया ?

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पुलिस महानिदेशक ने कहा कि “मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि यह घटना सिर्फ लॉ एंड ऑर्डर का हिस्सा नहीं है। यह किसी साजिश का भी हिस्सा है। उन्होंने कहा हम इसकी जांच के लिए एजेंसी को लगाया गया है। इसी बीच एक विडियो भी सामने आया है। जिसमे कुंदन नामक शख्स द्वारा गाय काटे जाने की बात की जा रही है।

बता दें कि पुलिस ने इस मामले में 87 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है, जिनमें से 27 नामजद हैं और 60 अज्ञात। कुछ आरोपी बजरंग दल, भाजपा और विहिप जैसे संगठनों से जुड़े हैं। मुख्य आरोपी बजरंग दल का जिला संयोजक योगेश राज है। स्याना में भाजपा यूथ विंग का अध्यक्ष शिखर अग्रवाल और विहिप कार्यकर्ता उपेंद्र राघव भी नामजद हैं। यह सभी फरार हैं।

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