बिलासपुर: देश में भर में ब्रॉडबैंड सेवा प्रदान करने वाली सार्वजनिक कंपनी बीएसएनएल की सेवाओं से आम जनता तो पहले से ही दुखी और परेशान हैं.लेकिन अब छत्तीसगढ़ के चीफ जस्टिस ने भी बीएसएनएल की सेवाओं से होने वाली अपनी परेशानी को जगजाहिर किया हैं.

डबैंड की धीमी रफ्तार को लेकर दायर की गई जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस टीबी राधाकृष्णन ने कहा कि इस सेवा से वे खुद भी परेशान हैं. उन्होंने इसे डिजिटल इंडिया के दौर में देश को पीछे धकलने के समान बताते हुए चौथी बार समय मांगने पर केंद्र व राज्य सरकार को फटकार भी लगाई.

दरअसल, ब्रॉडबैंड की धीमी स्पीड को लेकर बिलासपुर निवासी दिलीप भंडारी ने जनहित याचिका दायर की हुई हैं. जिस पर सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस ने कहा कि ब्रॉडबैंड स्पीड कम होने से मैं भी परेशान हूं. बीएसएनएल की ब्रॉडबैंड सेवा में वीडियो कांफ्रेंसिंग करते समय आवाज साफ सुनाई नहीं देती हैं.

मुस्लिम परिवार में शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें 

भंडारी ने अपनी याचिका में कहा कि ट्राई के निर्देशानुसार ब्रॉडबैंड की स्पीड कम से कम 2 एमबीपीएस होनी चाहिए. जबकि बीएसएनएल की और से केवल 512 केवीएस की ही स्पीड ही मिल रही है. जो कि श्रीलंका, पाकिस्तान जैसे देश में भी ब्रॉडबैंड की स्पीड से भी काफी कम हैं.

कोर्ट ने केंद्र व राज्य शासन को फटकार लगाते हुए 15 दिन के अंदर जवाब प्रस्तुत नहीं होने पर दिल्ली में बैठे अधिकारियों को हाईकोर्ट में तलब करने की चेतवानी दी है.

Loading...