मध्य प्रदेश के सागर जिले के चितोरा गांव के एक स्कूल में तोप का गोला होने की सुचना मिली. इस दौरान इस तोप के गोले से स्कूल के बच्चों की जान बचाने वाले पुलिसकर्मी को आज पूरा देश सलाम कर रहा है.

दरअसल जिस वक्त तोप के गोले की सुचना मिली थी. उस वक्त स्कुल में 400 के करीब बच्चें मौजूद थे. पुलिसकर्मी अभिषेक पटेल ने बच्चों को जान बचाने के लिए गोले को अपने कंधे पर रखकर एक किमी दूर जाकर फेंका. दस किलों के इस गोले को लेकर वे लगातार दोड़ते रहे.

मुस्लिम परिवार में शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें 

अभिषेक ने बताया कि मेरा लक्ष्य सभी बच्चों को सुरक्षित करना था, बम ले जाते समय थोड़ा डर भी लगा लेकिन फिर भी मन में एक खुशी थी कि अगर मुझे कुछ होता है तो मैं इतने लोगों की जान बचा लूंगा. उन्होंने कहा कि इसलिए मैं बस बम को रिहायशी इलाके से लेकर दूर भागता रहा और मुझे इसमें कामयाबी मिली.

अभिषेक का कहना है कि उनको बताया गया था कि इतने वजन वाला बम अगर फट जाए तो 500 मीटर के आसपास तक नुकसान पहुंचा सकता है. अब उनके पास 400 बच्चों और वहां मौजूद लोगों बचाने के लिए कोई रास्ता नहीं सूझ रहा था और बम किसी भी समय फट सकता था क्योंकि यह कोई नहीं जानता था कि बम किस हालत में है.

बम के बारें में आईजी सतीश सक्सेना का कहना है कि अंदेशा है कि स्कूल सेना के फायरिंग रेज के पास ही स्थित है हो सकता है यह वहीं से गिरा हो. यह बम काफी पुराना है.