मुंबई: शिवसेना हिन्दुत्व की उग्र विचारधारा के लिए जानी जाती हैं, इतिहास में कई ऐसी तारीखे दर्ज हैं जिसमे शिवसेना की और से मुसलमानों को निशाना बनाया गया हैं लेकिन इस बार बीएमसी के चुनावों में शिवसेना ने मुस्लिमों को उम्मीदवारी देकर सबको चौंका दिया हैं. इसी के साथ शिवसेना के दो मुस्लिम उम्मीदवारों ने जीत भी दर्ज की हैं.

पार्टी ने मुंबई नगर निकाय चुनाव में 84 सीटें जीतीं हैं. पार्टी ने पांच मुस्लिम उम्मीदवारों को टिकट दिया था जिसमें से एक बांद्रा इलाके के बेहरामपाड़ा से और दूसरे उपनगरीय अमबोली और जोगेश्वरी का प्रतिनिधित्व करने वाले एक वार्ड से जीते हैं.

बांद्रा (पूर्व) के बहरमपाड़ा के वार्ड संख्या 96 से जीते शिवसेना प्रत्याशी हाजी हलीम खान शिवसेना को मुसलमानों की सच्ची हमदर्द बताते हुए कहा कि  पार्टी को मुस्लिम विरोधी के तौर पर पेश करना लोगों के कुछ तबकों का काम है. उन्होंने कहा, यह कहना कि शिवसेना मुस्लिस विरोधी है बकवास है और मुसलमानों में शिवसेना को खराब तरीके से पेश करना समाज के कुछ तबकों का काम है. शिवसेना हमेशा समस्याओं का हल करने में मदद करती है. वे हमारे सच्चे हमदर्द हैं.

मुस्लिम परिवार में शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें 

उन्होंने कहा, मुझे यह याद आता है कि हमारी एक प्रमुख मस्जिद तब बन पाई थी जब बालासाहेबजी ने मदद की. इस दौरान उन्होंने कांग्रेस पर समुदाय को वोट बैंक समझने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा, कांग्रेस मुस्लिमों को मात्र वोट बैंक से ज्यादा कुछ नहीं समझती है, जबकि शिवसेना हर मुस्लिम को देश के प्रति वफादार होने को प्रोत्साहित करती है. बालासाहेब ने हमेशा सच्चे मुसलमान की तारीफ की है.

वहीँ वार्ड संख्या 64 से जीती शाहिदा खान ने कहा कि शिवसेना हमेशा समुदाय के लोगों की मदद करती है जो भी उसके पास वास्तविक समस्या लेकर पहुंचता है.

Loading...