साधु-संतों की सबसे बड़ी संस्था अखिल भारतीय अखाडा परिषद ने पांच राज्यों में हो रहे विधानसभा चुनाव से पहले ही खुद को भारतीय जनता पार्टी से अलग करते हुए समर्थन नही देने का फैसला किया हैं.

परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि का कहना है कि केंद्र में पूर्ण बहुमत की सरकार होने के बावजूद बीजेपी राम मंदिर के मुद्दे को सिर्फ चुनाव में इस्तेमाल कर वोट हासिल करना चाहती है. इस के अलावा धर्मांतरण, गौ हत्या, गंगा प्रदूषण और धारा 370 समेत बाकी मुद्दों पर भी मोदी सरकार ने अपना वादा नहीं निभाया है. ऐसे में साफ़ है कि बीजेपी की मंशा मंदिर निर्माण की नहीं है और वह इसे सिर्फ चुनावी मुद्दा बनाकर एक बार फिर लोगों की भावनाएं भड़काकर वोट हासिल करना चाहती है.

मुस्लिम परिवार में शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें 

महंत नरेंद्र गिरि के मुताबिक़ अखाड़ों के साधु-संत बीजेपी के इस रवैये से बेहद निराश और दुखी हैं, इसी वजह से उन्होंने यूपी समेत पांच राज्यों में हो रहे विधानसभा चुनाव में बीजेपी को वोट नहीं करने और उसका विरोध करने का फैसला किया है.  महंत नरेंद्र गिरि के मुताबिक़ साधु-संतों को अब बीजेपी पर कतई भरोसा नहीं रह गया है, इसलिए राम मंदिर निर्माण की पहल से पूर्व वह इस बार न तो उसके वायदे के झांसे में आएंगे और न ही जाति-धर्म के आधार पर वोट पड़ने की किसी मुहिम का समर्थन करेंगे.

महंत नरेंद्र गिरि का कहना है कि साधु-संत इस बार विकास के मुद्दे पर वोट करेंगे और जनता से भी यही अपील करेंगे कि वह अपने-अपने राज्य में सबसे बेहतर विकास करने में समझ आने वाली पार्टियों को ही वोट करें, लेकिन मंदिर और हिंदुत्व के दूसरे मुद्दों पर बीजेपी के बहकावे में कतई न आएं.

इसी के साथ महंत नरेंद्र गिरि ने आरोप लगाया कि केंद्र में बीजेपी की सरकार बनने के बाद से देश से गौमांस का निर्यात काफी बढ़ गया है. उनका आरोप है कि चुनाव के वक्त भावुकता वाली बातें करने वाले पीएम मोदी भी गौ हत्या रोकने के लिए कोई कदम नही उठा रहे हैं.

Loading...