lalji bhai patel

गुजरात विधानसभा चुनावों की सिर्फ तारीखे घोषित होना बाकि है. राज्य में कभी-भी आचार संहिता लग सकती है. वहीँ दूसरी और बीजेपी की मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही है.

पाटीदारों के विरोध का पहले से ही सामना कर रही बीजेपी के लिए आरएसएस प्रचारक लालजी भाई पटेल ने प्रदर्शन कर मुसीबत खड़ी कर दी. दरअसल लालजी भाई पटेल के नेतृत्व में हजारों किसान मोदी सरकार के विरोध में प्रदर्शन कर रहे है.

डीजीवर्ल्ड की रिपोर्ट के अनुसार, आरएसएस-संबद्ध भारतीय किसान संघ के संस्थापक सदस्य लालजी भाई ने किसान क्रांति मंच नामक एक संगठन की स्थापना की है. जिसने राज्य भर में भाजपा के खिलाफ आंदोलन की घोषणा की हुई है. ध्यान रहे लालजी भाई पटेल, जो 50 से अधिक वर्षों से आरएसएस में रहे हैं.

लालजी भाई ने बताया कि नरेंद्र मोदी ने 2014 लोकसभा चुनाव से पहले वादा किया था कि वह यह सुनिश्चित करेंगे कि किसानों को उनके इनपुट लागत की तुलना में डेढ़ गुना अधिक मिले, लेकिन कुछ भी नहीं किया गया है. उन्होंने कहा कि न केवल गुजरात में किसानों, लेकिन पूरे देश में बीजेपी सरकार की नीतियों के कारण गंभीर संकट में थे.

उन्होंने सवाल किया कि सरकार किसानों के लिए ऋण माफी की घोषणा क्यों नहीं कर रही है, जबकि गुजरात में 12 औद्योगिक घरों द्वारा लिए गए बैंक ऋण में 1.73 लाख करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान माफ कर दिया गया है. उन्होंने कहा कि मोदी सरकार की फसल बीमा योजना खराब थी क्योंकि किसानों को प्रीमियम का भुगतान करने के बावजूद पर्याप्त कवरेज नहीं मिला.

उन्होंने कहा कि गुजरात में 3.5 लाख से अधिक किसानों ने कृषि छोड़ दिया है और राज्य में 13 लाख हेक्टेयर खेत के क्षेत्र में अस्थिर पड़ा है. लाल जी ने दावा किया कि आरएसएस और सरकार ने दोनों दूतों को उनके पास भेजा था लेकिन उन्होंने विरोध प्रदर्शन के साथ आगे बढ़ने का फैसला किया है.

लालजी ने आरोप लगाया कि मोदी “आरएसएस विरोधी थे” और “छद्म हिंदुत्व” का अभ्यास करते थे. उन्होंने मोदी को ‘किसान विरोधी’ कहा, और कहा कि वह गरीबों की मदद करने के बारे में बात करता है और उसका असली इरादा केवल कॉर्पोरेटों की मदद के लिए होता है. लालजी ने कहा कि भाजपा चुनावों को हार जाने पर ही इसके सबक सीख लेगी.

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