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बेंगलूरः कर्नाटक विधानसभा चुनावों से ठीक पहले विपक्षी भाजपा ने भाजपा और आरएसएस के कार्यकर्ताओं की हत्याओं के आरोप में पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है. जिसे राज्य सरकार ने ख़ारिज कर दिया है.

बीजेपी की और से ये मांग झारखंड में भाजपा सरकार की और से कथित तौर पर आईएसआईएस से रिश्तों का हवाला देकर पीएफआई पर प्रतिबंध लगाने के एक दिन बाद की गई है.  बीजेपी की मांग को खारिज करते हुए कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने संक्षिप्त रूप से कहा कि यह स्थिति सिर्फ कर्नाटक में नहीं है.

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पीएफआई पर प्रतिबंध को लेकर कानून मंत्री टीबी जयचंद्र ने कहा, इस सबंध में कुछ प्रमाण होना चाहिए. अगर कोई सकारात्मक रिपोर्ट है, तो हम इसके बारे में सोच सकते हैं. यह केवल एक संस्था पर लागू नहीं होता है बल्कि सभी के लिए है.

ध्यान रहे इसी तरह की केरल की कम्युनिस्ट सरकार ने भी पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) पर प्रतिबंध लगाने से साफ़ इंकार कर दिया है. केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने कहा कि यदि किसी संगठन पर बैन लगना चाहिए तो वह आरएसएस है.

उन्होंने कहा, कोई संगठन जो भारत में दंगे के माहोल का निर्माण करता है और सांप्रदायिक आधार पर समाज को विभाजित करता है तो उसे प्रतिबंधित किया जाना चाहिए, तो यह पहले आरएसएस [राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ] पर प्रतिबंध लगाने के रूप में करना चाहिए.