बलिया। यूपी के बलिया में बुधवार को जिला विकास समन्वय एवं अनुश्रवण समिति (दिशा) की बैठक के दौरान सत्तारूढ़ बीजेपी के विधायक सुरेंद्र सिंह (MLA Surendra Singh) और बीजेपी सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त (MP Virendra Singh Mast) के बीच बहस शुरू हुई। इस दौरान दोनों ने एक-दूसरे को अपशब्द बोले।

विधायक सुरेंद्र सिंह ने कहा कि दिशा की बैठक के लिए एक सूची होती है, जिसके अनुसार ही लोगों को बैठने दिया जाना चाहिए, लेकिन सांसद जिसे चाहते हैं उसी को बैठाते हैं। सुरेंद्र सिंह ने सांसद पर मनमानी का आरोप लगाते हु कहा, हम लोगों ने बैठक का बहिष्कार कर दिया है, इस तरह की मनमानी नहीं चलेगी। बैठक में जनप्रतिनिधियों को बुलाया जाता है और उन्हें पूरा सम्मान देते हुए उनकी बातों को सुना जाता है।

वहीं सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त ने कहा कि बात ये है कि मीटिंग की एक व्यवस्था होती है। हमने कहा कि विभाग के अधिकारी अपनी समीक्षा प्रस्तुत कर दें। तो विधायक अपनी बात पर थे। अधिकारियों पर गलत काम का दबाव बनाएंगे, मैं मीटिंग का चेयरमैन हूं, मैं ऐसा नहीं होने दे सकता. विधायक के आरोप में सांसद ने कहा मेरी जानकारी में मेरे साथ जितने लोग होने चाहिए वो थे। मैं अपने लोगों को नहीं बिठाता हूं, जानकारी के लिए प्रतिनिधि बिठाता हूं, ये होता ही है।

इससे पहले मंगलवार रात अपने आवास पर भी संवाददाताओं से बातचीत करते हुए विधायक सुरेंद्र सिंह ने सांसद वीरेंद्र सिंह को ‘भूमाफिया’ करार दिया। उन्होंने बताया कि सांसद ने खुद और अपने बेटे तथा भाई एवं भतीजे के नाम पर बैरिया क्षेत्र के बाबु के शिवपुर गांव के विजय बहादुर सिंह की 18 एकड़ से ज्यादा भूमि धोखाधड़ी के जरिये हथिया ली है।

सिंह ने यह भी कहा कि जिलाधिकारी एच. पी. शाही सत्ता के दबाव में डरे हुए हैं। उन्होंने सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त और जिलाधिकारी शाही की ‘बुद्धि-शुद्धि’ के लिए जिलाधिकारी कार्यालय पर जल्द ही 101 घंटे के उपवास का ऐलान भी किया है।