बीजेपी एमएलए ने कहा – नवरात्रि में मांस की दुकानें खोलना देशद्रोह, उठा सवाल – देश में संविधान का शासन है या मनुस्मृति का?

गुरूग्राम में शनिवार को हिंदू सेना के 50 से 60 गुंडों ने इलाके में चल रही करीब 7 से 8 मीट और चिकन की दुकानों को तलवार के जोर पर बंद करवा दिया। इस मामले में अब गाजियाबाद के लोनी से बीजेपी विधायक नंद किशोर गुर्जर की प्रतिक्रिया आई है।

उन्होने एलान किया कि जो अपनी बंद नहीं करेंगे वो उनपर देशद्रोह का मामला दर्ज कराएँगे और उनके कार्यकर्ता ऐसे लोगों से अपने स्टाइल में निपटेंगे। विधायक ने कहा, ‘लोनी में मंदिरों के पास मीट की दुकानें खुली हुई हैं। यह गैरकानूनी है और राष्ट्रद्रोह की श्रेणी में आता है। स्थानीय अधिकारियों की मिलीभगत के बगैर यह संभव नहीं है।’

विधायक का कहना है, ‘नवरात्र के दौरान मीट की दुकान खोलना राष्ट्रद्रोह है. अगर इस दौरान कोई मीट की दुकान खोलता है तो यह राष्ट्रीय सुरक्षा का उल्लंघन है और इसे राष्ट्रद्रोह माना जाएगा।’ गाजियाबाद के एसएसपी यूके अग्रवाल का कहना है कि उन्हें इस बारे में अभी तक कोई शिकायत नहीं मिली है।

गुर्जर ने कहा, ‘नवरात्रि शुरू हो गई हैं और इस तरह मांस बेचना पूरी तरह से गलत है। अगर कल को क्षेत्र में इस वजह से तनाव हो गया तो इसका जिम्मेदार कौन होगा?’ उन्होंने कहा, ‘मैंने उनसे निवेदन किया और कहा है ये सब ठीक नहीं है. वैसे तो मैं किसी से अनुरोध नहीं करता। मैंने कहा ये सब ठीक है और उन्होंने बंद कर दी।’

बता दें कि इससे पहले गुरुग्राम में भी हिंदू सेना के कथित कार्यकर्ताओं ने तलवारों के बल पर करीब 12 मांस की दुकानें बंद करवा दीं थीं। सैंकड़ों की संख्या में हिन्दू सेना के कार्यकर्ता हांथों में तलवार, लाठी-डंडे से लैस होकर नवरात्र पर मांस की बिक्री का विरोध कर रहे थे।

कार्यकर्ताओं ने डूंडाहेड़ा, सिरहौल, मोलाहेड़ा, गुड़गांव गांव, राजेंद्रा पार्क, बेहरामपुर, कादीपुर आदि जगहों पर मांस की दुकानों को बंद करवाया। इसकी वजह से कुछ स्थानों पर उनकी दुकानदारों से झड़प भी हुई। इस मामले में सोशल  मीडिया पर बहस जारी है कि देश में संविधान का राज चल रहा है या मनुस्मृति का?

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