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देहरादून | 8 नवम्बर को प्रधानमंत्री मोदी के नोट बंदी की घोषणा करते ही ज्वेलरी की दुकानों पर सोना खरीदने वालो की बाढ़ आ गयी. एक आंकड़े के मुताबित केवल कुछ घंटो में ही करीब 5000 करोड़ रूपए का सोना खरीदा गया. इसकी सूचना मिलने पर आयकर विभाग ने देश के कई प्रतिष्ठित ज्वेलर्स के यहाँ छापे भी मारे. दरअसल कालेधन को सफ़ेद करने के लिए कुछ लोगो ने पुराने नोट से सोना खरीदा था. ऐसा ही आरोप अब उत्तराखंड के एक बीजेपी विधायक पर भी लग रहा है.

आम आदमी पार्टी उत्तराखंड ने आरोप लगाया है की नोट बंदी के बाद , उत्तराखंड के एक बीजेपी विधायक ने डेढ़ करोड़ रूपए का सोना खरीदा. आप के प्रदेश अध्यक्ष चंदेर्शेखर भट्ट ने कहा की इससे सम्बंधित एक ज्ञापन हमने डीएम् के माध्यम से प्रधानमंत्री कार्यालय को भिजवाया था.

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पीएमओ की तरफ से उत्तराखंड सचिव को इस मामले में जांच करने का आदेश भी दिया गया लेकिन एक महिना बीत जाने के बाद भी जब उत्तराखंड सरकार ने इस पर कार्यवाही नही तो आप का एक प्रतिनिधि मंडल गुरुवार को मुख्यमंत्री से मिला.चन्द्रशेखर भट्ट ने आगे बताया की इस मामले में मुख्यमंत्री हरीश रावत ने गंभीरता दिखाते हुए एसआईटी गठित करने का भरोसा दिया है.

जब इस मामले में सरकार के मीडिया सलाहकार सुरेन्द्र अग्रवाल से सम्पर्क किया गया तो उन्होंने बताया की मुख्यमंत्री ने आईजी गढ़वाल की अध्यक्षता में एक एसआईटी का गठन कर दिया है. एसआईटी को एक हफ्ते में अपनी रिपोर्ट जमा करने का आदेश दिया गया है. हालांकि आईजी गढ़वाल संजय गुंज्याल ने इस बात का खंडन करते हुए कहा की मुझे अभी तक इससे सम्बंधित आदेश नही मिला है.

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