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उत्तराखंड में सरकार बदलने के साथ न्याय का पैमाना भी बदल गया है. दरअसल, राज्य सरकार ने बीजेपी विधायक गणेश जोशी पर से उत्तराखंड पुलिस सेवा में तैनात घोड़े शक्तिमान की मौत का केस वापस लेने का फैसला किया है.

आपको बता दे कि मार्च 2016 में बीजेपी के विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस ड्यूटी में तैनात घोड़े शक्तिमान की कथित तौर पर भाजपा विधायक गणेश जोशी ने टांग तोड़ दी थी. जिसके चलते इस बेजुबान प्राणी  का पैर तक काटना पड़ा था. बावजूद इसके 20 मार्च 2016 को शक्तिमान की मौत हो गई.

घटना के बाद देहरादून के नेहरू कॉलोनी थाने में मुकदमा अपराध संख्या 54 /2016 दर्ज किया गया. आईपीसी की धारा 147,148, 332, 353, 34, 188, 429 और पशु क्रूरता अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया था. जिसमे बीजेपी विधायक प्रमुख आरोपी है. इस मामले की सीबीसीआइडी जांच के आदेश भी दिए गए थे.

हालांकि अब गृह विभाग ने सीआरपीसी की धारा 321 का मुकदमा वापस लेने का फैसला लिया है. हालांकि, इसके लिए अभी कोर्ट की सहमति भी जरूरी होगी. लेकिन मुकदमा वापस लेने पर सीबीसीआईडी जांच अपने आप ही समाप्त हो जाएगी.

नौ अक्टूबर को गृह विभाग के अपर सचिव अजय रौतेला ने इस मामले की वापसी का आदेशा जारी कर दिया. सरकार की और से कहा गया कि पूर्व कांग्रेस सरकार ने आंदोलन कर रहे रहे भाजपा कार्यकर्ताओं तथा जन प्रतिनिधियों के विरूद्व राजनैतिक दुर्भावना से विभिन्न धाराओं में मुकदमे पंजीकृत कराए थे.

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