मध्य प्रदेश में भाजपा के एक विधायक ने किसानों की आत्महत्या पर विवादित बयान दिया हैं. उन्होंने कहा कि ‘मरे वो किसान हैं जो किसान कम और सब्सिडी चाटने का व्यापार ज्यादा करते हैं’  उन्होंने कहा, ‘हमने अच्छे-अच्छे पैसे वालों को मरते देखा है, लेकिन ऑरिजिनल किसान आज भी लड़ते देखा है पर मरते नहीं देखा. मरे वे किसान हैं जो किसानी कम बल्कि सब्सिडी चाटने का व्यापार ज्यादा करते हैं.’

विधायक ने आगे कहा, ‘मरे वे लोग हैं जिन्होंने किसानी को बदनाम किया है. उन्होंने सोच लिया कि मेरी खेती है, मैं एक एकड़ जमीन पर 50 क्विंटल गेंहूं उगाऊंगा. तू तो क्या, भगवान भी आ जाए तो नहीं उगा सकता भाई. हम लोग किसान हैं, नहीं उगा सकते लेकिन तुम लोगों ने खेती को भी बदनाम किया है.’

बाद में मीडियाकर्मियों से बातचीत में भी शर्मा अपने बयान पर कायम रहे. उन्‍होंने बताया कि असली किसान कभी आत्‍महत्‍या नहीं करता .कुछ  लोग जिन्‍होंने नंबर दो पैसे बनाए,  कर्ज उठाया, दारू पी, इन्‍होंने ही बदनाम किया. भोपाल की हुजूर सीट से विधायक शर्मा का ये पहला विवादित बयान नहीं हैं. इससे पहले भी वे कई विवादित बयान दे चुके हैं. इससे पहले सर्जिकल स्‍ट्राइक के समय उन्‍होंने दिल्‍ली के मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल और कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह पर भी विवादित टिप्‍पणी की थी.

उन्‍होंने सर्जिकल स्‍ट्राइक के सबूत मांगे जाने पर कहा था कि जो लोग सेना के जवानों पर सवाल उठा रहे हैं वे वैसे ही लोग हैं जो अपने माता-पिता के सुहागरात का वीडियो देखने के बाद ही अपनी वंशावली पर विश्‍वास करते हैं. भारतीय सेना देश के लिए बलिदान दे रही है और खून बहा रही है. जो लोग इसे नहीं मानते वे देशद्रोही हैं. वे सभी पाकिस्‍तानी एजेंट हैं. उनकी भाषा और लहजा नवाज शरीफ से मिलता है. भाजपा नेताओं की ओर से किसान विरोधी बयान पहली बार नहीं है.


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