उत्तर भारत में बीजेपी और संघ परिवार से जुड़े लोग गाय के नाम पर मुस्लिमों की जान ले रहे है। वहीं दूसरी और गोवा की बीजेपी सरकार खुद बीफ का समर्थन कर रही है।

दरअसल, गोवा विधानसभा में बीजेपी विधायक और डिप्टी स्पीकर माइकल लोबो ने गोवा में बीफ की कमी को लेकर सरकार से बाहर से बीफ मंगाने या गोवा के अंदर मवेशियों को सरकारी बूचड़खाने में काटकर बीफ की डिमांड पूरी करने की मांग की है।

लोबो ने कहा, ‘कुछ कथित गौ रक्षक गोवा के बॉर्डर पर खड़े हैं और गोवा में गोमांस के प्रवेश को रोक रहे हैं। गोवा में मांस परिसर बंद है। हम इस मोर्चे पर असफल रहे हैं। गोवा में कई मांस खाने वाले हैं। यहां पर्यटक बीफ खाने के लिए आते हैं. गोवा में बीफ की कमी है। अगर हम नहीं चाहते हैं कि कर्नाटक और महाराष्ट्र से बीफ आए तो हमें गोवा में प्रमाणित मवेशियों को सरकारी बूचड़खाने में मारने की अनुमति दी जानी चाहिए। इसे शुरू करना होगा।’ उन्होंने कहा, ‘मैं चाहता हूं कि सरकार बताए कि गोवा मीट कॉम्प्लेक्स कब शुरू होगा या क्या वहां भी कथित गौ रक्षकों का हस्तक्षेप होगा। मैं उनका सम्मान करता हूं लेकिन गोवा में लोग बड़ी संख्या में बीफ खाते हैं और आप रोक नहीं सकते।’

इसके जवाब में पशुपालन मंत्री मौविन गोडिन्हो ने उन्हें बताया कि अगस्त में गोवा मीट कॉम्प्लेक्स का कामकाज शुरू हो जाएगा। उन्होने शुक्रवार को विधानसभा को बताया कि ऐसी धारणा बनाई जा रही है कि राज्य की भाजपा की अगुवाई वाली सरकार मांस खाने वालों के खिलाफ है। गोडिन्हो ने कहा कि ऐसी धारणा बनाई जा रही है कि चूंकि राज्य में भाजपा की अगुवाई वाली सरकार है, इसलिए यह ‘‘मांस खाने वालों के खिलाफ’’ है और इसी वजह से जीएमसीएल को काम नहीं करने दे रही।

मंत्री ने कहा कि सरकारी बूचड़खाना 22 अगस्त से फिर से शुरू हो जाएगा। 22 अगस्त को बकरीद भी है। उन्होंने सदन को बताया कि अभी पड़ोसी कर्नाटक के बेलगाम जिले से ‘बीफ’ की खरीद की जा रही है। मंत्री ने ये जवाब बीजेपी विधायक ग्लेन टिक्लो के सवाल पर दिया।