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उत्तर प्रदेश का निकाय चुनाव हाई प्रोफाइल लोगों द्वारा अहमियत दिए जाने से चर्चा का विषय पहले से ही बना हुआ है लेकिन अब महामहिम राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की बहु ने निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ने की घोषणा कर के चुनाव को अजीब ही रंग दे दिया है

दरअसल, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की बहु और पंकज कोविंद की पत्नी दीपा कोविंद ने कानपुर देहात की झींझक नगर पालिका की अध्यक्ष पद के लिए बीजेपी से टिकट के लिए आवेदन किया था. लेकिन पार्टी ने उन्हें टिकट देना जरुरी नहीं समझा.

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ऐसे में दीपा ने बीजेपी से टिकट नहीं मिलने के बाद भी चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया. वह निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर मैदान में उतर गई. दीपा के निर्दलीय चुनाव लड़ने के खबर से ही राजनीतिक जगत में खलबली मच गयी है.

दीपा ने अपने घर में चुनाव कार्यालय खोला है. दीपा का कहना है वह अपनी महिला समर्थकों के सहारे चुनाव लड़ रही हैं. इसमें वह अपने ससुर का सहयोग नहीं लेंगीं. उनका कद काफी बड़ा है.

वहीँ बीजेपी ने सरोजनी देवी कोरी को अपना उम्मीदवार घोषित किया है. दीपा के चुनाव लड़ने पर उनका कहना है कि राष्ट्रपति की बहू के चुनाव लड़ने से हमारा कोई नुकसान नहीं होगा बल्कि फायदा होगा. उनमें और हमारे में कोई फर्क नहीं है.