Tuesday, July 27, 2021

 

 

 

पश्चिम बंगाल: अदालत ने किया बीजेपी नेता को तड़ीपार, चुनाव प्रचार पर भी लगाई रोक

- Advertisement -
- Advertisement -

पश्चिम बंगाल में बीजेपी को बड़ा झटका लगा है। दरअसल कोलकाता हाई कोर्ट ने सौमित्र खान को बांकुरा (जिसके तहत बिष्णुपुर लोकसभा क्षेत्र आता है) से तड़ीपार कर दिया गया है। खान का कहना है कि उनके खिलाफ उनकी पूर्व पार्टी तृणमूल कांग्रेस ने साजिश के तहत यह काम कराया है। अब बिष्णुपुर के सीटिंग सांसद की पत्नी सुजाता उनकी जगह क्षेत्र का भ्रमण कर रही हैं और जनता से वोट मांग रही हैं।

इसी बीच सौमित्र खान ने कलकत्ता हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। सौमित्र खान ने सुप्रीम कोर्ट में कहा है कि हाईकोर्ट ने उन्हें बांकुरा निर्वाचन क्षेत्र में प्रवेश करने से रोक दिया है, जिस वजह से वह नामांकन पत्र दाखिल नहीं कर सकते। सौमित्र खान की ओर से सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गई याचिका पर अगले सप्ताह सुनवाई होगी।

इंडियन एक्सप्रेस के साथ बातची में सौमित्र ने कहा, “मैं स्थानीय हूं और लोग मुझे जानते हैं। मेरी पत्नी सुजाता मेरे लिए चुनाव प्रचार कर रही हैं। बीजेपी की पूरी मशीनरी मेरे लिए जिले में काम कर रही है। यहां 10,000 लड़के हैं और उन्हें काफी अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। लेकिन, सबसे चिंताजनक बात यह है कि तृणमूल कांग्रेस लोगों को गलत आरोपों में फंसाकर उन्हें चुनाव में भाग लेने से रोक रही है और लोकतंत्र को गुमराह भी कर रही है।”

bjp

खान ने बोलपुर से टीएमसी सांसद अनुपम हजरा के साथ बीजेपी जॉइन किया था। अनुपम इस बार भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर जादवपुर से चुनाव लड़ रहे हैं। खान और हजरा दोनों को टीएमसी से निष्कासित किया गया था। खान का कहना है कि उनके खिलाफ चार मुकदमें हैं। उनका आरोप है, “एक केस अवैध रेत खनन का है तो दूसरे में किसी ने पैसे लेकर नौकरी का झांसा देने का आरोप लगाया है। एक दिन सुबह के 5 जब मेरे घर में कोई भी नहीं था, तब पुलिस वहां दाखिल हुई और असलहा छिपा दिया। इसके बाद मेरे खिलाफ मामला भी दर्ज कर दिया।”

खान का कहना है कि वह सशर्त जमानत पर हैं और कोर्ट के आदेश के मुताबिक उनका बांकुरा में घुसने पर प्रतिबंध है। इसके खिलाफ उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में अपील भी दाखिल की है, मामले में अगली सुनवाई 12 अप्रैल को होनी है। अब कोर्ट के फैसले से ही तय हो पाएगा कि खान अपना नामांकन दाखिल करेंगे या नहीं। गौरतलब है कि उनके क्षेत्र में नामांकन की आखिरी तारीख 16 अप्रैल है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot Topics

Related Articles