बिहार टॉपर्स घोटाले में पुलिस की पूछताछ में बड़ा खुलासा हुआ हैं. बिहार स्कूल परीक्षा बोर्ड के पूर्व चेयरमैन लालकेश्वर सिंह से पूछताछ में पता चला हैं कि बिहार में किसी छात्र को टॉप कराने के लिए 20 लाख रुपये की रकम ली जाती थी.

लालकेश्वर सिंह ने कुबूला कि नकल का पूरा रैकेट था. रैकेट के जरियें ही किसी छात्र को टॉप तथा पास कराया जाता था. साथ मेरिट लिस्ट में आने के लिए भी रैकेट में रकम फिक्स थी.

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लालकेश्वर सिंह कालेजों को मान्यता देने के भी पैसे वसूलता था. इंटरमीडिएट कॉलेजों की मान्यता के लिए उसने  चार लाख रुपये वसूलें थे.