मोदी सरकार में केन्द्रीय सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम राज्य मंत्री गिरिराज सिंह पर जमीन फर्जीवाड़े के मामले में दानापुर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है. गिरिराज के अलावा 32 अन्य लोगों पर भी मामला दर्ज किया गया है. दर्ज मामले में अनुसूचित जाति, जनजाति अत्याचार निरोधक अधिनियम की धारा की जोड़ी गई है.

ये प्राथमिकी एससी-एसटी की विशेष अदालत में एक परिवाद पत्र की सुनवाई के बाद न्यायालय के आदेश पर हुई है. दानापुर के आशोपुर निवासी शिकायतकर्ता राम नारायण प्रसाद ने एससी-एसटी विशेष न्यायालय में याचिका दायर की थी, जिसमें कहा था कि धर्मेंद्र यादव सहित 33 लोगों ने साजिश रचकर उनकी दो एकड़ 56 डिसमिल जमीन को फर्जी कागजात के आधार पर खरीदा और बेचा है.

मुस्लिम परिवार में शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें 

आरोप में यह भी कहा गया था कि आरोपित 1957 से ही परिवादी के मामा बिपत राम की 2 एकड़ 60 डिसमिल जमीन का फर्जी तरीके से खरीद बिक्री करते आ रहे हैं. जानकारी देने के बावजूद संबंधित सरकारी कर्मचारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की. आरोपितों के खिलाफ अब आईपीसी की धारा 419, 420, 423, 468, 469, 471, 474, और 120 बी के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है.

इस मामले में अब आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर हमला बोला है. इस मुद्दे पर ट्वीट करते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि गिरिराज सिंह वही मंत्री हैं, जिनके घर से करोड़ों रुपये कैश की बरामदगी हुई थी, मगर इसके बावजूद भी वह ईमानदार हैं. उन्होंने सवाल किया कि जमीन के मामले में केंद्रीय राज्यमंत्री गिरिराज सिंह का नाम आने पर क्या अब गठबंधन तोड़ेंगे.

तेजस्वी ने बीजेपी नेता और उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी पर भी हमला बोला. तेजस्वी यादव ने कहा कि देश के सबसे बड़े अफवाह मियां और खुलासा मास्टर के मुंह में दही जम गया है, जो वह गिरिराज सिंह के मुद्दे पर चुप बैठे हैं?