मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के शासन में भगवा गुंडागर्दी चरम पर हैं. नित्य नए मामले सामने आ रहे हैं. इन पर प्रशासन भी रोक लगाने में नाकाम हैं. अब वरिष्ठ अधिकारीयों को भी इस गुंडागर्दी का कोपभाजन उठाना पड़ रहा हैं.

ऐसा ही एक और मामला राजधानी भोपाल में पेश आया हैं. जहाँ पर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने अपनी गुंडागर्दी का साबुत देते हुए मध्य प्रदेश के अनुसूचित जनजाति विभाग के प्रमुख सचिव को डराया धमकाया. कहा जा रहा हैं कि बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने ये काम राज्य के संस्कृति विभाग के एक अधिकारी के कहने पर किया.

दरअसल, स्कृति विभाग ने अनुसूचित जातियों और जनजातियों के कल्याण कोष से राज्य के 23 मेंदिरों के जीर्णोद्धार के लिए 27 करोड़ रुपये देने का एक प्रस्ताव भेजा था. जिस पर अनुसूचित जनजाति विभाग के प्रमुख सचिव ने विरोध जताया था. सोमवार को इसी कारण बजरंग दल के लोगों ने आईएएस अधिकारी अशोक शाह के घर को घेरने की कोशिश की और उनके खिलाफ नारेबाजी भी की.

हालांकि पुलिस ने आईएएस अधिकारी के घर से कुछ ही दूरी पर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को रोक लिया. राज्य सचिवालय के एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी ने पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब पुलिस को पहले से इनकी हरक़त की जानकारी थी तो फिर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को क्यों विरोध करने की अनुमति दी गई.


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