सिमी के विचाराधीन कैदियों द्वारा भोपाल जेल ब्रेक की घटना के लिये कांग्रेस ने राज्य की शिवराज सरकार को जिम्मेदार ठहराया हैं. कांग्रेस के विधायकों ने कहा कि प्रदेश सरकार पर जेलों की सुरक्षा एवं निगरानी के प्रति उदासीनता बरतने की वजह से ये घटना घटित हुई.

सीहोर जिले के इछावर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के विधायक शैलेन्द्र पटेल ने प्रश्नकाल के दौरान सवाल किया कि  1 अक्टूबर को भोपाल की जेल से सिमी के आठ विधाराधीन कैदियों के भागने की घटना से पहले के दो वर्ष की अवधि में जेल का किसी अधिकारी ने निरीक्षण ही नहीं किया. आखिर क्यों ?

उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य की सभी जेलों का यही हाल है. कोई भी अधिकारी जेलों का निरीक्षण नहीं करता है और जेल समितियां तक नहीं बनी हैं.” पटेल ने कहा कि जेल मैन्यूअल के मुताबिक जिला प्रशासन द्वारा तीन माह में एक बार जेल का निरीक्षण करना आवश्यक है. पटेल ने यह भी कहा कि उप महानिरीक्षक (जेल) ने भी भोपाल केन्द्रीय जेल का नियमित निरीक्षण नहीं किया, जो कि जेल मैन्यूअल के अनुसार किया जाना चाहिये था.

कांग्रेस विधायक के प्रश्न के उत्तर देते हुए प्रदेश की जेल मंत्राी कुसुम मेहदेले ने स्वीकार किया कि पिछले साल 30 अक्तूबर को हुई जेल ब्रेक की घटना के दो वर्ष पहले तक जिला कलेक्टर या अन्य अधिकारी द्वारा भोपाल केन्द्रीय जेल का निरीक्षण नहीं किया गया. मेहदेले को अपना उत्तर स्पष्ट करने के लिये कहने पर उन्होंने दोहराया कि जिला प्रशासन के अधिकारियों द्वारा गत वर्ष 7 दिसंबर और 22 दिसंबर को भोपाल केन्द्रीय जेल का निरीक्षण किया गया था.


शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें 

Loading...

कोहराम न्यूज़ की एंड्राइड ऐप इनस्टॉल करें