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लखनऊ: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में 2017 में हुई जातीय हिंसा के मामले में 16 महीने बाद जेल से रिहा हुए भीम आर्मी प्रमुख चन्द्रशेखर रावण ने बड़ा खुलासा करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी की की तरफ से उन्हें कैराना उपचुनाव में पेशकश की गई थी कि वह चुनाव लड़ें तो उन पर लगी रासुका हटा दी जाएगी। उन्होने कहा, कैराना उपचुनाव के दौरान भाजपा के विधायकों, सांसदों और मंत्रियों ने यहां पर डेरा डाले रखा, लेकिन एक अकेला चन्द्रशेखर उन पर भारी प़ड़ा।

रावण ने स्वीकार किया कि भाजपा से अकेले किसी भी पार्टी का जीतना मुश्किल है, विपक्ष को गठबंधन करना ही होगा। ताकि सांप्रदायिक ताकतों को धूल चटायी जा सके और उन्हें सत्ता से बाहर किया जा सके। बता दें कि चंद्रशेखर को यूपी सरकार ने गुरुवार रात 2:30 बजे जेल से रिहा कर दिया गया। जेल से रिहा होने के बाद उन्होने कहा, वह बीजेपी को 2019 में सत्ता से उखाड़ फेकेंगे।

जेल से रिहाई पर चंद्रशेखर ने कहा सरकार ने रासुका लगाई और उन्होंने रिहा कर दिया उनकी मर्जी है तानाशाही है, यहां आम आदमी का कुछ नहीं है। मुझे सुप्रीम कोर्ट से उम्मीद थी, सरकार ने सुप्रीम कोर्ट की फटकार से डरकर ही मुझे रिहा कर दिया है। भाजपा समय से पहले इस रिहाई पर हमदर्दी बटोरने का जो काम कर रही है वह सिर्फ ढकोसला है।

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जेल में या हिरासत में लिए जाने के बाद मारपीट को लेकर उन्होंने कहा कि क्रांतिकारी पिटाई से डरता नहीं, लेकिन कहीं पर भी उनके साथ कोई मारपीट नहीं की गई, पर मानसिक व शारारिक उत्पीड़न किया गया। किडनी में इंफैक्शन के बाद भी उन्हें ना तो उस समय रिहा किया गया और ना ही ठीक ढंग से इलाज कराया गया।

2019 में चुनाव लड़ने के संबंध में पूछे गये सवाल पर उन्होंने कहा कि अभी वह चुनाव नहीं लड़ेंगे, भविष्य में क्या होगा, कोई नहीं जानता। मायावती पर पूछे सवाल पर चंद्रशेखर ने कहा, मैं बुआ जी के बारे में कुछ नहीं कहूंगा, उन्होंने देश के लिए बहुत काम किया है, मैं सलाम करता हूं। मेरा किसी राजनीतिक पार्टी से कोई लेना-देना नहीं है। भीम आर्मी एक अलग संगठन है, हम उस पार्टी को वोट देंगे जो बीजेपी को हराए।

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