पाकिस्तानी ख़ुफ़िया एजेंसी को देश के साथ गद्दारी करते हुए सेना की सीक्रेट जानकारी बेचने वाले बीजेपी और बजरंग दल से जुड़े आईएसआई के जासूसों की गिरफ्तारी के बाद रोज नए नए खुलासे हो रहे हैं.

एटीएस की पूछताछ में पुरे मोड्यूल का सरगना बजरंग दल का कार्यकर्ता बलराम ने आईएसआई से मिले पैसों को अपने सहायकों में बाटने के लिए जनधन खातों का भी इस्तेमाल किया. एटीएस की पूछताछ में खुलासा हुआ कि इस काम में उसकी मदद उसके दोस्त रज्जन ऊर्फ राजीव तिवारी ने की थी. एटीएस जल्द ही उसे भी हिरासत में लेगी.

कुख्यात गांजा तस्कर अनूप जायसवाल उर्फ जस्सा के लिए काम करने वाला रज्जन आईएसआई के लिए भी काम कर रहा  था. रज्जन गांजा तस्करी के मामले में मैहर जेल में बंद है. इसे लेने भोपाल एटीएस की टीम जल्द मैहर पहुंचेगी. इसी के साथ सतना से बलराम व उससे जुड़े करीब आधा दर्जन लोगों को एटीएस अपने हिरासत में लेकर पूछताछ करने के लिए भोपाल लाने वाली है.

बलराम के साथ काम करने वाला रज्जन पैसे जमा करने के लिए ग्रामीणों के जनधन में बैंक खाते खुलवाता था. उसने कई ग्रामीणों के खाते खुलवा कर उनकी पासबुक और एटीएम खुद रख लिए. इसके बदले खाताधारकों को कुछ रुपए भी देता था. इसके अलावा बलराम ने बजरंग दल के कुछ कार्यकर्ताओं के भी बैंक खातें खोल रखे थे. जिनमें पाकिस्तान की तरफ से आये पैसे जमा हुआ करते थे. बलराम के साथ करीब 46 लोग जुड़े हुए हैं. जो इसी पुरे नेटवर्क में शामिल थे.

बलराम ने इसी मामले में सतना के दो डॉक्टरों के शामिल होने की बात कबूली हैं. इनके बैंक खातों में आईएसआई की और से विदेशों से पैसा जमा हुआ हैं. इस मामले में बलराम के भाई विक्रम को भी हिरासत में लिया गया है और उससे  भी इंटेलीजेंस पूछताछ कर रही है.


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