हाल ही में मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में गोरक्षकों और पुलिस द्वारा मिलकर चार निर्दोष युवकों को बुरी तरह पीटने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था. जिसके बाद पुलिस ने इन सभी को गौतस्कर बताया था.

हालांकि पीड़ित युवकों का कहना है कि वे गौतस्कर नहीं है. युवकों का कहना है कि वह हरदा जिले के रहट गांव से काम की तलाश में डलहरिया पहुंचे थे, जब वह नदी में नहा रहे थे, कुछ गौरक्षकों ने एक आदिवासी के घर में 18 पशु बंधा देखकर उन्हें गौतस्कर बताते हुए पीटना शुरू कर दिया.

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इस दौरान मौके पर पहुंची पुलिस ने बचाने के बजाय गौरक्षकों के साथ मिलकर उनकी बेदर्दी से पिटाई की. इसी के साथ गौ तस्करी के आरोप में पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर जेल भी भेज दिया. हालांकि इन चारों युवकों को गुरुवार देर रात जेल से रिहा कर दिया गया.

पीड़ित युवक की पहचान सुरेंद्र, रूप सिंह, सगीर व अफजल के रूप में हुई. पुलिस अधीक्षक डी आर तीनेवार ने इस मामले की जांच विभागीय अधिकारी, पुलिस (एसडीओ,पी) प्रेम सिंह ठाकुर को सौंप दी है, जो युवाओं की पिटाई और पुलिस के भूमिका की जाँच करेंगे.

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