2002 के गुजरात दंगों में सेकड़ों मासूमों की जान लेने वाले वहशी बाबू बजरंगी ने अपने आखों के इलाज के लिए गुजरात हाई कोर्ट से जमानत की सिफारिश की है.

उम्रकैद की सजा काट रहे बाबू बजरंगी ने 20 दिन की जमानत की मांग करते हुए कहा कि उसकी आँखे कमजोर होने के कारण दिखाई देना बंद हो गया है और एक कान से सुनाई भी कम देता है. उसने याचिका में कहा कि वह वह चेन्नई जाकर अपनी आंखों का इलाज कराना चाहता है.

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इस मामले में सुनवाई कर रहे जस्टिस हर्ष देवानी ने जेल प्रशासन से बजरंगी की मेडिकल रिपोर्ट मांगी है. ध्यान रहे बजरंगी पहले भी आँखों के इलाज के लिए 90 दिनों की बेल ले चूका है.

इसके बाद बजरंगी को रेगुलर और अस्ठायी तौर पर मिलने वाली बेल को रिजेक्ट कर दिया गया था. इसके अलावा बजरंगी ने अपनी पत्नी के द्वारा गुजरात के राज्यपाल से उसे जीवनदान देने की भा मांग की थी

गौरतलब है कि 2002 में नरोडा पाटिया में हुए दंगों में बड़ी बेदर्दी से 97 मुस्लिमों की हत्या कर दी गई थी. इस मामले में बजरंगी सहित 30 अन्य लोगों को भी दोषी ठहराया गया है जिनमें पूर्व बीजेपी मंत्री माया कोडनानी भी शामिल हैं.

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