उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री आजम खां ने बुधवार को इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ समक्ष के हाजिर हुए और माफी मांगी. उन्होंने कहा कि चुनाव प्रचार की थकान के कारण वह उत्तर प्रदेश जल निगम से जुड़े मामले में अदालत के समक्ष नहीं पेश हो सके.

न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल और न्यायमूर्ति रविन्द्रनाथ मिश्र की पीठ के समक्ष पेश होकर उन्होंने कहा, उन्हें अफ़सोस हैं कि उनके पेश नहीं होने का पूरा कारण उनके वकील नहीं बता सके, यदि उन्हें पूरे मामले की ठीक से जानकारी होती तो बात यहां तक पहुंच ही न पाती.

आजम खां ने अदालत को बताया कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के बाद उन्होंने ही अपनी पार्टी के लिए सबसे ज्यादा चुनावी सभाएं की हैं।.वह रोजाना प्रचार की वजह से थक जाते थे, जिसकी वजह से अदालत में पेश नहीं हो सके. हालांकि अदालत ने आजम को फटकार लगाते हुए कहा कि केस आपका है और आपको जानकारी होनी चाहिये कि विभाग के अधिकारी कागजों में क्या कर रहे हैं.

मुस्लिम परिवार में शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें 

इस पर आजम ने कहा कि वह बहुत सख्त निर्णय लेते हैं और इस मामले में भी वह बहुत जल्द निर्णय लेंगे. न्यायालय ने उनकी उपस्थिति को रिकॉर्ड में लेते हुए मामले की अग्रिम सुनवाई के लिए 21 मार्च की तिथि तय की है. अग्रिम सुनवाई तक न्यायालय ने जलनिगम के चेयरमैन आजम खान को यह बताने का निर्देश दिया है कि वह उक्त मामले पर निर्णय लेकर न्यायालय को अवगत कराए.

Loading...