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उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आयुष्मान भारत योजना के तहत इलाज कराने पहुंचे एक परिवार के साथ अस्पताल ने न केवल बदसलूकी की बल्कि इलाज करने से भी साफ इंकार कर दिया।

किंग्स जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) में शांहजहापुर से इलाज कराने आए एक मरीज को अस्पताल के डॉक्टरों ने आयुष्मान भारत योजना के तहत इलाज करने से कथित तौर पर मना कर दिया। स्टाफ ने कहा, “जाओ पहले मोदी (प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी) से पैसा लेकर आओ।”

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, शाहजहांपुर के तिलहर निवासी 28 वर्षीय कमलेश से जुड़ा है। वह बिजली विभाग में संविदाकर्मी हैं। बिजली कार्य के दौरान तीन दिन पहले वह करंट की चपेट में आ गए थे। आनन-फानन में उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां से उन्हें केजीएमयू रेफर किया गया। सोमवार को घर वाले उन्हें यहां लेकर आए, पर डॉक्टरों को दिखाने के बाद उन्हें डिजास्टर वॉर्ड भेजा गया।

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कमलेश के चाचा हरिश्चंद्र ने बताया, “हमारे पास आयुष्मान योजना का कार्ड भी है, जिसमें आआर पर मेडिकल कॉलेज में मुफ्त इलाज की मांग की थी। डॉक्टर उसी बात पर बुरी तरह भड़क गए।” उनका दावा है, “स्टाफ (कांउटर पर बैठे) ने कहा था- यहां मुफ्त इलाज नहीं होता। जाओ पहले मोदी से पैसा लेकर आओ। फिर इलाज करेंगे।” तिलहर विधायक रोशन लाल को बाद में इसकी जानकारी दी गई, जो मंगलवार को मौके पर आए। स्टाफ ने उनके कहने के बाद मरीज को भर्ती कर योजना के लिए जरूरी कागजी कार्रवाई की।

विधायक रोशन लाल ने केजीएमयू प्रशासन पर नाराजगी जताते हुए यह मुद्दे सदन में उठाने की बात कही है। उन्होंने कहा कि यह उनके क्षेत्र का मामला है। अगर कोई सरकारी योजना का पात्र है तो उसे लाभ देने में आनाकानी क्यों की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि इसकी शिकायत सीएम, मुख्य सचिव और स्वास्थ्य मंत्री से भी कर दी है।

हालांकि, केजीएमयू ने ऐसी कोई घटना होने से इनकार किया है। केजीएमयू के मीडिया सेल प्रभारी डॉ. संतोष कुमार ने कहा, ‘मैंने खुद मौके पर जाकर स्थिति देखी। मेरे सामने ऐसा कोई मामला नहीं आया। मरीज के तीमारदार और विधायक से भी बात की। उन्होंने ऐसा कुछ नहीं बताया। बाहर वह जाकर क्या बोले, इसकी जानकारी नहीं है।’

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