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लखनऊ एटीएस में तैनात अपर पुलिस अधीक्षक राजेश साहनी द्वारा आत्महत्या से आहत होकर एटीएस में तैनात इंस्पेक्टर यतीन्द्र शर्मा ने बुधवार रात अचानक डीजीपी से अपने इस्तीफे की पेशकश कर दी.

इंस्पेक्टर यतीन्द्र शर्मा के इस कदम से एटीएस में हड़कम्प मच गया. उन्होंने अपने इस्तीफे में एटीएस के शीर्ष अधिकारियों पर कुव्यवस्था उत्पन्न करने समेत कई संगीन आरोप लगाए.

पत्र में उन्होंने लिखा है कि, विनम्र अवगत कराना है कि प्रार्थी वर्ष 2001 -02 SICP सीधी भर्ती होकर निरीक्षक पद पर एटीएस मुख्यालय पर कार्यरत है. पूर्व में मुझे श्रेष्ठ कार्य हेतु राष्ट्रपति का वीरता मैडल भी प्राप्त हुआ है, किंतु प्रतीत होता है कि इस विभाग में स्व. श्रीमान राजेश साहनी जैसे कई ईमानदार, बहादुर उच्चचरित्र का कोई मूल्य कुछ भ्रष्टाचारी अधिकारी के हृदय में नहीं है. ये अपने कनिष्ट को तनाव देते हैं और गालियां भी देते हैं, प्रताड़ित करते हैं और प्रारंभिक जांचों को आधार बनाकर कनिष्ठ से धना दोहन करते हैं.

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दिनांक 29-05-2018 को श्री राजेश साहनी सर के संबंध में मुझे ऐसी आशंका है कि उन्होंने एटीएस जैसी सम्मानित संस्था में आईजी एटीएस श्री असीम अरुण व उनके कुछ निकट अधिकारियों द्वारा भेदभाव, अनियमियता, अन्याय, अकुशल नेतृत्व द्वारा मानसिक दबाव, तनाव दिया गया और इससे त्रस्त व विवश होकर उन्होंने आत्महत्या कर ली. मैं निरीक्षक यतीन्द्र शर्मा 011240020 अपने को वर्तमान में आईजी एटीएस द्वारा उत्पन्न की गई, अन्यायपूर्ण परिस्थितियों में शासकीय कर्तव्य करने हेतु असमर्थ महसूस करते हुए अपना त्यागपत्र आपको प्रेषित कर रहा हूं.

Addsp स्व. राजेश साहनी इस एसीएस यूपी पुलिस के योग्यतम महान अधिकारी थे. मुझे ऐसी आशंका है वो एटीएस की किन्हीं अज्ञात अव्यवस्था से कई दिनों से तनाव में थे. Ats hq में कुछ दिवस पूर्व मेरे द्वारा अन्य आरक्षी के मुंह से भी ats से असमय ट्रांसफर होने व ats से बाहर ट्रांसफर न होने के कारण आत्महत्या करने की बात सुनी गई थी. उस आरक्षी को समझाया भी गया था. मैं मनन कर रहा हूं जब एक पुलिसकर्मी, अधिकारी को शासकीय कर्तव्य निर्वहन हेतु प्रदत्त सरकारी शस्त्र जो उसे नागरिक, राज्य व राष्ट्र की रक्षा हेतु प्रदान किया गया है, अपने शस्त्र अपने से दूर कर दे या दुर्घटना के भय से शस्त्रागार में जमा कर दे और उसे तनाव दिया जाए तो कैसे वो ‘राज्य ‘की रक्षा करेगा और आतंकवाद से कैसे लड़ेगा?

अतः महोदय से विनम्र प्रार्थना है कि प्रार्थी का त्यागपत्र स्वीकार किया जाए व स्वर्गीय श्री राजेश साहनी सर् की आत्महत्या के कारण की प्रशासनिक स्तर पर निष्पक्ष जांच कराई जाए और वैधानिक कार्रवाई की जाए, ताकि ईमानदार योग्य पुलिस जन व पुलिस विभाग की अपूर्णीय क्षति न हो. यदि इस त्यागपत्र के उपरांत मेरे व मेरे परिवार को क्षति पहुंचती है तो इसका उत्तरदायित्व आईजी श्री असीम अरुण व इनके कुछ निकट पुलिस जन होंगे. मेरा त्याग पत्र आपके समक्ष सेवा में प्रेषित है. कृपया स्वीकार करने की कृपा करें.