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गुवाहाटी। सोशल मीडिया अब अफवाहों और झूठी खबरों को फैलाने का एक साधन बन गया है। जहां बड़े पैमाने पर घृणाभरे झूठे संदेश वायरल किए जा रहे है। जिसके चलते ने केवल समाज टूट रहा है। बल्कि लोगों की जान तक जा रही है।

देश भर मे व्हाट्सअप्प पर बच्चा चोरी के फर्जी संदेशों ने 29 लोगों की जान ले ली है। अब असामाजिक तत्वों के निशाने पर मुस्लिम समुदाय है। मुस्लिम समुदाय को देशद्रोही बताकर उनके खिलाफ बहुसंख्यक हिन्दू समाज को भड़काने की कोशिश की जा रही है।

मामला असम का है। बीते कुछ दिनों से असम से एक वीडियो वायरल हो रहा है। इस वीडियो का शीर्षक है, अब असम में बांग्लादेशी मुस्लिमों ने अलग मुस्लिम देश बनाने की मांग की। इस वीडियो में बड़ी संख्या में मुस्लिम प्रदर्शन कर रहे है। हालांकि ये प्रदर्शन अलग देश के लिए नहीं बल्कि अवैध प्रवासियों की पहचान के नाम पर उन्हें परेशान किए जाने को लेकर किया जा रहा है।

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इस वीडियो को महज तीन दिन में ही पचास हजार से ज्यादा व्यूज मिल चुके हैं। वहीं इसे ढाई हजार से ज्यादा बार शेयर भी किया जा चुका है। वीडियो को जिस यूजर ने पोस्ट किया उसने अपनी पहचान सतीश द्विवेदी के तौर पर बताई है. अपने फेसबुक पेज पर द्विवेदी ने खुद को ‘देशसेवक’ घोषित कर रखा है।

क्लिप में “हाराक्सती नोसलिबो” के नारे लगाते प्रदर्शनकारियों को सुना जा सकता है। इस नारे का अनुवाद है- ‘उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।’ इस संबंध में असम के अतिरिक्त डीजीपी हरमीत सिंह ने कहा कि ये वीडियो राज्य के गोलपाड़ा जिले का है।

गोलपाड़ा के एसपी अमिताभ सिन्हा का कहना है कि बीते साल करीब 150 लोगों ने ये प्रदर्शन किया था। प्रदर्शनकारियों का दावा था कि अवैध प्रवासियों की पहचान के नाम पर उन्हें परेशान किया जा रहा है। इसके बाद उन्हें पुलिस पर पथराव शुरु कर दिया।इस संबंध में पुलिस ने मामला भी दर्ज किया था।

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