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असम के दीमा हासो जिले में आरएएस के एक नेता के भड़काऊ बयान से उठे विरोध -प्रदर्शन ने हिंसा का रूप ले लिया है. मईबांग रेलवे स्टेशन पर प्रदर्शन कर रहे करीब एक हजार लोगों पर पुलिस की और से गोलीबारी में दो लोगों की मौत हो गई है. साथ ही दस घायल है.

प्रदर्शनकारी आरएसएस एक्टिविस्ट जगदंबा माल से माफी की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे. संघ नेता ने हाल ही में मीडिया को बताया था कि नगा समझौते के लिए ड्राफ्ट प्लान में असम के दिमा हसाओ जिले को नगालिम का हिस्सा दिखाया गया है. इसके बाद लोग भड़क गए.

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जिसके बाद विभिन्न दिमासा संगठनों ने 12 घंटे का बंद बुलाया. पूरे दिमा हसाओ में बंद का व्यापक असरभी देखा गया. इस दौरान सभी स्कूलें, दफ्तर, बैंक बंद रहे. सड़कों पर भी सन्नाटा पसरा रहा. प्रदर्शनकारियों ने विभिन्न जगहों पर सड़कों को जाम कर दिया. प्रदर्शनकारियों ने न्यू हाफलोंग रेलवे स्टेशन पर सिलचर-गुवाहाटी पैसेंजर ट्रेन रोक दी.

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे शांतिपूवर्क प्रदर्शन कर रहे थे लेकिन पुलिस उन पर लाठीचार्ज किया. इसके बाद उन्होंने तोडफोड़ की. हालाँकि असम के पुलिस महानिदेशक मुकेश सहाय का कहना है कि स्थिति नियंत्रण में है. उन्होंने कहा, “लेकिन, गुरुवार को लगा कर्फ्यू मैबोंग और अन्य पड़ोसी क्षेत्रों में भी लगा दिया गया है. पुलिस गोलीबारी में घायल दो लोगों की आज (शुक्रवार को) मौत हो गई.”

वहीँ मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने गुरुवार की घटना की जांच अपर मुख्य सचिव वी.बी. प्यारेलाल से कराने का आदेश दिया है. उन्होंने उत्पाद कर मंत्री परिमल सुक्लावैद्य और जल संसाधन मंत्री केशव महंता से शनिवार को जिले का दौरा करने के लिए कहा है.

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