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गुवाहाटी: असम में सेना के जवानों ने तीन लोगों को भीड़ से बचा लिया है। जो इन लोगों की बच्चा चोर समझकर जान लेने पर उतारू थी। ये तीनों उत्तर प्रदेश और गुजरात के रहने वाले है।

घटना दीमा हसाओ जिले की है। दीमा हसाओ के पुलिस अधीक्षक प्रशांत सैकिया ने आउटलुक को फोन पर बताया कि भगवा वस्त्र पहने ये साधु गुरुवार को अगरतला के त्रिपुर सुंदरी मंदिर जा रहे थे। गाड़ी में आई खराबी की वजह से ये राजधानी गुवाहाटी से करीब तीन सौ किलोमीटर दूर माहुर में रुके थे। उन्होंने बताया कि इस साधुओं की उम्र तीस साल से कम है।

उन्होंने कहा कि बच्चा चोरी के वाट्सऐप पर वायरल हुए संदेशों से डरे इलाके के लोगों ने साधुओं को देखते ही शोर मचाना शुरू कर दिया। इसके बाद वहां करीब 500 लोग इकट्ठा हो गए। लेकिन रेलवे स्टेशन के पास ही सेना का कैंप होने की वजह से इन लोगों को रोक दिया गया।

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इन लोगों को बाद में सेना के महुर कैंप ले जाया गया जहां इनसे पूछताछ भी की गई।सोशल मीडिया पर एक वीडियो क्लिप भी वायरल हो रहा है जिसमें तीन साधुओं के हाथ पीछे की ओर बंधे हैं और कुछ सैनिक उन्हें बचाकर ला रहे हैं।

गौरतलब है कि त्रिपुरा में हाल ही में एक फेक न्यूज की वजह से हुई हिंसा 4 लोगों की जान चली गई है। मृतकों में सुकांत चक्रवती नाम का एक वो शख्स भी शामिल है जिसे पुलिस ने फेक न्यूज के खिलाफ जागरुकता अभियान में शामिल कर रखा था।

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