मध्य-प्रदेश के खरगोन में करीब 70 बच्चों के कोरोना की चपेट में आने का सख्त अंदेशा है। दरअसल, यहां एक गांव के आंगनवाड़ी केंद्र में काम करने वाली आशा वर्कर कोरोना संक्रमित निकली है। और उसने हाल ही में 5 साल तक के 70 बच्चों को विटामिन ए की दवा पिलाई थी। आयुष डॉक्टर ने इस मामले की पुष्टि की है।

खरगौन जिला मुख्यालय से 17 किमी दूर बरुड़ गांव में तैनात आयुष डॉक्टर ने बताया कि महिला सहयोगी के नेतृत्व में शुक्रवार को आगनवाड़ी क्रमांक 10 पर महाकाल मंदिर के सामने लगभग 70 छोटे बच्चों को विटामिन ए की खुराक पिलाई गई थी। इस अभियान में कोरोना संक्रमित महिला सहयोगी रही है।

स्वास्थ विभाग का कहना है कि महिला के कोरोना संक्रमित होने की बात सामने आने के बाद महिला के कान्टैक्ट में आए करीब 36 लोगों के सैंपल लिए गए हैं। साथ ही उन लोगों की सूची तैयार की जा रही है। आयुष डॉक्टर प्रमिल रावत का कहना है कि आशा वर्कर के संक्रमित पाए जाने के बाद अब उन सभी के सैंपल्स लिए जाएंगे, जिन्हें उसने दवा पिलाई थी।

महिला की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उसे लेने के लिए अस्पताल के डॉक्टरों की एक टीम पहुंची। फिलहाल इलाके को कंटेनमेंट जोन घोषित किया जाना है। दूसरी तरफ ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर का कहना है कि महिला ने दवा नहीं पिलाई थी, अगर ऐसा पाया जाता है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।

ऐसा ही मामला यूपी के एटा में भी सामने आया है। अलीगंज ब्लाक के ग्राम जहान नगर निवासी स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत आशा के कोरोना पॉजिटिव निकलने के बाद ग्रामीण अंचल में हड़कंप है। सैंपल कलेक्शन के बाद भी आशा द्वारा गांव के नवजातों का टीकाकरण किया गया था।

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